5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत, 2026 में चौथी और 2034 में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा

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ब्रिटेन स्थित सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस रिसर्च (सीईबीआर) की रिपोर्ट “वर्ल्ड इकोनॉमिक लीग टेबल 2020” के अनुसार, भारत 2019 में ब्रिटेन और फ्रांस दोनों को निर्णायक तौर पर पछाड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया।

उल्लेखनीय है कि IndiaFirst ने जून 4 की अपनी खबर में ही इस बात को प्रमुखता से प्रकाशित किया था कि हमारा देश भारत 2019 में विश्व की पाँचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा| तब लन्दन स्थित प्रतिष्ठित वैश्विक सुचना प्रदाता कंपनी, IHS मार्किट के रिपोर्ट अनुसार ऐसा कयास लगाया गया था| रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत अपनी वर्तमान प्रगति दर से ब्रिटेन को पीछे छोड़ विश्व की अर्थव्यवस्थाओं में छठे पायदान से पाँचवें पायदान तक आ सकता है| इस से पहले IMF नेभी पूर्वानुमान लगाया था कि 2019 तक भारत ब्रिटेन से आगे निकल जायेगा|

2019 में भारत होगा विश्व की पाँच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में शामिल

2026 में चौथी और 2034 में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा

इतना ही नहीं वर्तमान में उपलब्ध आंकड़ों और मौजूदा प्रगति दर के हिसाब से भारत 2026 में जर्मनी को पछाड़कर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा| और अगर यही वृद्धि दर बरक़रार रही तो 2034 में जापान को भी पीछे छोड़ भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।

Modi’s India will outperform US economy by 2030

रिपोर्ट के अनुसार 2026 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है। बता दें की मोदी सरकार ने 2024 तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

जापान और जर्मनी से ही होगा मुकाबला

CEBR की रिपोर्ट के मुताबित अगले 15 साल में तीसरे स्थान पर बने रहने के लिए भारत, जापान और जर्मनी में ही मुकाबला चलता रहेगा| कोई अन्य देश अभी इस दौड़ में शामिल नहीं है| हालाँकि वैश्विक अर्थव्यवस्था आधारित मामलों के विशेषज्ञ ऐसा बताते हैं कि इस दौड़ में भारत के आगे होने की सम्भावना बहुत अधिक है| ऐसा इसलिए है क्यूंकि भारत अभी तक विकासशील देशों की गिनती में ही शामिल है, और अभी तक कई श्रेणियों में भारत ने अपनी वृद्धि की क्षमता को हासिल नहीं किया है, इसलिए संभावनाएं बरक़रार है| जबकि जापान और जर्मनी विकसित देशों की श्रेणी में आते हैं| इन देशों ने विकास की अपनी अधिकतम दर को करीब करीब हासिल कर लिया है|


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