भारत ग्लोबल एनर्जी ट्रांजिशन इंडेक्स में चीन से भी आगे निकला

  • ग्लोबल एनर्जी ट्रांजिशन इंडेक्स के मामले में भारत अब 76 वें पायदान पर

  • ईज ऑफ डूईंज बिजनेस के रैंकिंग के मामले में भारत का लगातार उछाल जारी, 23 रैंक की छलांग लगाने के साथ अब 77वें पायदान पर

  • वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा सूचकांक 2018 में भारत पांच पायदान के छलांग के साथ अब 58वें स्थान पर

World_Energy_Index

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में भारत नित नए मुकाम हासिल कर रहा है। इसी क्रम में भारत ग्लोबल एनर्जी ट्रांजिशन इंडेक्स में दो पायदान ऊपर चढ़कर 76 वें पायदान पर आ गया है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सोमवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार भारत ने चीन को भी इस मामले में पछाड़ दिया है।

जहाँ एक तरफ भारत ने इस मामले में तरक्की कि है वही चीन अब इस मामले में 82वें पायदान पर खिसक गया है। मालूम हो कि कुल 115 देशों की लिस्ट में स्वीडन पहले स्थान पर काबिज है। इसके साथ ही ब्रिक्स देशों में ब्राजील के अलावा सिर्फ भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जिसकी स्थिति में सुधार दर्ज हुआ है| जारी किया गया रिपोर्ट इस बात का गवाही देता है कि भारत ने उर्जा सुधार की दिशा में काफी प्रगति की है।

दैनिक अख़बार अमर उजाला के अनुसार भारत में अक्षय उर्जा की क्षमता 73 गीगावाट है। जो देश की कुल उर्जा उत्पादन का 20 प्रतिशत है। इस सन्दर्भ में रिपोर्ट के अनुसार भारत में अक्षय उर्जा का उत्पादन अब परंपरागत उर्जा से आगे निकलने लगा है। इस बात के कयास लगाये जा रहे है कि आने वाले दिनों में भारत का इस क्षेत्र में सक्सेस ग्राफ और भी तेजी से बढ़ सकता है। हालाँकि ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है जब भारत के अन्तराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार हुआ हो, पिछले कई सालो से मौजूदा सरकार के नीतियों की वजह से भारत ने अनेको मामलो में अपनी रैंकिंग को न केवल सुधारा है बल्कि पहले से कहीं ज्यादा मजबूत भी किया है|

ease_of_doing_business

भारत ने ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के मामले में लगाई 23 पायदान की छलांग

मोदी सरकार के नेतृत्व में देश ने अन्तराष्ट्रीय स्तर पर अनेको मामलो में अपनी एक अलग पहचान बनायीं है| इन्ही उपलब्धियों में से एक है, ईज ऑफ डूईंज बिजनेस के मामले में भारत के रैंकिंग में जोरदार उछाल आना| इस सन्दर्भ में हाल ही में जारी की गई विश्व बैंक की ताजा ईज ऑफ डूईंज बिजनेस रिपोर्ट बताती है कि इस मामले में भारत ने 23 रैंक की छलांग लगाई है। नतीजतन भारत अब 100वें पायदान से चढ़कर 77वें पायदान पर आ गया है।

मालूम हो कि इससे पहले भी पिछले साल भारत ने विश्व की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट 2018 में 30 अंको का जबदस्त उछाल हासिल कर ओवरऑल रैंकिंग में 100 वें स्थान पर आ गया था। इसको लेकर ख़ास बात यह है कि इस मामले में अब तक किसी भी देश ने अपने रैंकिंग में इस कदर उछाल प्राप्त नहीं किया है, जिस तरह भारत ने किया है। इतना ही नहीं भारत ने इस छलांग के साथ दुनिया के 10 सबसे बड़े सुधार करने वाले देशों की सूचि में शामिल हो गया है। असल में भारत में बीतें दिनों में व्यापर को लेकर एक अलग माहौल विक्सित हुआ है नतीजतन व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया भी काफी सरल और सुगम हो गई है। जो अब रैंकिंग के मामले भी साफ़ झलक रही है|

वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा सूचकांक में भी भारत की रैंकिंग में जोरदार उछाल

Global
(Source: Global Competitiveness Report 2018)

विश्व आर्थिक मंच के वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा सूचकांक 2018 में भी भारत पांच पायदान के छलांग के साथ अब 58वें स्थान पर पहुंच गया है। दरअसल विश्व आर्थिक मंच ने अपनी ताजा रिपोर्ट में भारत को 58वीं सर्वाधिक प्रतिस्पर्द्धी अर्थव्यवस्था घोषित किया है। विश्व आर्थिक मंच का इस सन्दर्भ में कहना है कि भारत की रैंकिंग में पांच पायदान की उछाल जी-20 देशों के बीच सर्वाधिक बढ़ोतरी है। मंच ने इस सन्दर्भ में यह भी कहा कि भारत दक्षिण एशियाई देशो के तुलना में महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्था बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार भारत क्षेत्रीय स्तर पर स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल के अलावा प्रतिस्पर्धा के सभी अन्य क्षेत्रों में भी प्रगति के पथ पर है। बता दें कि मंच की ओर से जारी 140 अर्थव्यवस्थाओं की सूची में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर सिंगापुर और तीसरे स्थान पर जर्मनी है।

ग्लोबल कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे में भी टॉप पर भारत

मोदी सरकार के नेतृत्व में भारत वैश्विक उपभोक्ता विश्वास (ग्लोबल कंज्यूमर कॉन्फिडेंस) सर्वे में पहले पायदान पर मौजूद है। इस सन्दर्भ में नेल्सन के सर्वे के मुताबिक भारत में वैश्विक उपभोक्ता विश्वास सबसे ज्यादा है। और इस सर्वे के परिणाम इस बात को दर्शाते हैं कि भारत में उपभोक्ता का विश्वास बीतें दो सालो में शीर्ष पर है। मालूम हो कि नेल्सन के इस सर्वे में 64 देशों के 32 हजार उपभोक्ताओं ने हिस्सा लिया था। जिसमे से भारत कंज्यूमर कॉन्फिडेंस इंडेक्स में 133 अंकों के साथ पहले पायदान पर आया। इसके अलावा सर्वे में 131 अंकों के साथ फिलीपिंस दूसरे और 127 अंकों के साथ इंडोनेशिया तीसरे पायदान पर है।

ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में भारत ने लगाईं 10 पायदान की छलांग

मोदी सरकार के नेतृत्व में भारतीय पासपोर्ट वैश्विक स्तर पर और ज्यादा मजबूत हो गया है। ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स रैंकिंग में भारत ने 10 अंकों की छलांग लगाने के साथ इसमें शामिल कुल 199 देशों की सूची में भारत 67वें पायदान पर पहुंच गया है। बीतें लगभग 4 वर्षो मे भारतीय पासपोर्ट हर मानक पर मजबूत हुआ है। यह भारतीय पासपोर्ट की बढ़ती ताकत का ही परिचायक है कि अब आपको विश्व के 25 देशों में बिना वीजा एंट्री और 39 देशों में वीजा ऑन अराइवल की सुविधा दी जाएगी। मालूम हो कि वीजा ऑन अराइवल के होने का मतलब उस देश में पहुंचने के बाद आपको हाथों-हाथ वीजा मिल जाता है।

वैश्विक भ्रष्टाचार सूचकांक के रैंकिंग में भी भारत अब 78वें पायदान पर

अब खुद वैश्विक भ्रष्टाचार सूचकांक भी इस बात की पुष्टि कर रहा है कि मौजूदा सरकार ने देश में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाये है। साल 2018 के वैश्विक भ्रष्टाचार सूचकांक के मुताबिक भारत की रैंकिंग पहले से सुधरी है। भ्रष्टाचार-निरोधक संगठन ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा जारी वार्षिक सूचकांक के मुताबिक भारत में अब पहले की तुलना में व्याप्त भ्रष्टाचार काफी हद तक कमा है। इस सूचकांक में भारत तीन स्थान के सुधार के साथ 78वें पायदान पर पहुंच गया है। इससे पहले भारत इसमें 81वें पायदान पर था। इस सन्दर्भ में वैश्विक संगठन ने कहा कि आगामी चुनावों से पहले भ्रष्टाचार सूचकांक में भारत की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

उपरोक्त मामले के रैंकिंग में सुधार के अलावा भारत ने बौद्धिक सम्पदा सूचकांक , ब्लूमबर्ग इनोवेसन इंडेक्स, ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स समेत अन्य कई मामलो में भारत ने अपने रैंकिंग में काफी सुधार की है| जो भारत के बदलते तस्वीर की कहानी को बयां करता है|