भारत ने दिखाया बड़ा दिल : अपने विरोधियों को भी भेज रहा दवाइयां

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भारत ने हमेशा ही विश्व शान्ति की वकालत की है | हमारा इतिहास भी इस बात की गवाही देता है कि हमने कभी भी किसी भी लड़ाई की शुरुआत नही की | जब भी हमारे पास कोई मदद के लिये आया हमने उसे खाली हाथ नहीं लौटाया | भारत अपनी इसी संस्कृति पर नाज करता है, और आज भी इन्ही आदर्शों पर चल रहा है | अगर आज कोरोना के मामले मे भारत की भूमिका को देखे तो हालात कुछ वैसे ही जान पड़ते हैं |

कोरोना मे कारगर दवा Hydroxychloroquine का उत्पादन सबसे ज्यादा भारत मे होता है | एक तरफ कुछ देश जहाँ हमेशा भारत की टांग खीचने मे लगे रहते हैं वहीं आज जरूरत पड़ने पर भारत के आगे हाथ फैलाये खड़े हैं | ऐसे देशों की लिस्‍ट में ताजा नाम जुड़ा है मलेशिया का। यह वही देश है जिसने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और कश्‍मीर से आर्टिकल 370 हटाने का पुरजोर विरोध किया था। अब Covid-19 से लड़ाई के लिए उसे भारत के आगे हाथ फैला रहा है। बड़प्‍पन दिखाते हुए भारत ने दवा देने की हामी भर दी है।

जाकिर नाइक को देने से भी किया था इनकार

मलेशिया ने भारत में आतंक को बढ़ावा देने के आरोपी जाकिर नाइक के प्रत्‍यर्पण से इनकार कर दिया था। नैशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को ऐंटी-टेरर केस और एनफोर्समेंट डायरेक्‍ट्रेट (ED) को मनी-लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में नाइक की तलाश है। नाइक पिछले 4 साल से मलेशिया में रह रहा है। वहां के विदेश मंत्री ने भारत के तमाम दवाब के बावजूद नाइक के प्रत्‍यर्पण को सिरे से खारिज कर दिया था।

ब्रिटेन ने किया था कश्‍मीर पर विरोध

पिछले साल भारत ने संविधान के अनुच्‍छेद 370 हटा दिया। कई देशों ने इस कदम का विरोध किया। यूनाइटेड किंगडम भी उनमे से एक था। लेबर पार्टी ने एक इमर्जेंसी प्रस्‍ताव पास किया कि इंटरनैशनल ऑब्‍जर्वर कश्‍मीर जाएं। भारत ने साफ किया था कि यह उसका घरेलू मसला है। चीन, ईरान, मलेशिया, तुर्की जैसे देशों ने खुले तौर पर इस कदम का विरोध किया। ब्रिटेन, अमेरिका, जर्मनी जैसे देशों में प्रदर्शन हुए।

HCQ के बदले भारत ने मांगी ये चीजें

भारत ने HCQ के अलावा पैरासिटामॉल भी इन देशों को सप्‍लाई किया है। एक तरफ जहां भारत दवाओं की सप्‍लाई कर दूसरे देशों की मदद कर रहा है, वहीं बदले में उसने भी कुछ चीजें मांगी हैं। N-95 मास्‍क, वेंटिलेटर्स, PPE सूट्स वगैरह मंगाए जा रहे हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड, साउथ कोरिया, जापान, चीन, जर्मनी, सिंगापुर से ये सब चीजें आ रही हैं।

क्‍या है Hydroxychloroquine?

इस दवा का मुख्य तौर पर इस्तेमाल मलेरिया के उपचार के लिए किया जाता है। इसके अलावा आर्थराइटिस के इलाज में इसका इस्तेमाल होता है। अभी कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए कोई दवा नहीं बनी है, लेकिन HCQ के नतीजे उत्‍साहवर्धक बताए जा रहे हैं। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने तो इसे ‘गेमचेंजर’ बताया था। हालांकि इस दवा के कई साइड इफेक्‍ट्स भी हैं और आम जनता से इसका इस्‍तेमाल ना करने को कहा गया है।

 


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