हर दिन दुनिया में बढ़ती धमक: एशिया का चौथा सबसे प्रभावशाली देश बना भारत

मोदी राज में न केवल भारत की विश्व सुनता है बल्कि भारत की धमक भी पहले से ज्यादा बढ़ती जा रही है। खासकर एशिया प्रशांत इलाके में भारत ने रूस को पीछे छोड़ चौथे सबसे ज्यादा शक्तिशाली देश का रूतबा हासिल कर लिया है।

एशिया का चौथा सबसे शक्तिशाली देश बना भारत

सिडनी स्थित लॉवी इंस्टीट्यूट ने 2020 के एशिया पावर इंडेक्स में 26 देशों और क्षेत्रों की सूची जारी की है। जिसमें भारत को शाक्तिशाली देशों में चौथे स्थान पर रखा गया है। भारत से पहले अमेरिका चीन और जापान देश है। हालाकि इस इंडेक्स के अनुसार अमेरिका ने क्षेत्र में अपने पहले स्थान को तो बचा लिया है, लेकिन दो साल पहले दस अंकों की बढ़ोतरी अब घटकर आधी रह गई है। जिससे उसके दबदबे में कभी आई है। ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका कोरोना और दूसरी समस्याओं से तेजी से नही निपट पाया है तभी उसके अंक में भारी कमी देखी गई है पर अमेरिका इसके बावजूद भी पहला नबंर बचाने में सफल साबित हुआ है।

चीन से ज्यादा मजबूत हुई भारतीय सेना

मोदी सरकार जब से सत्ता में आई है तब से ही वो देश की सुरक्षा को लेकर काफी सजग रही है जिसका असर अब दिख रहा है। भारत के पास आज एक से बढ़कर एक हथियार तो है ही साथ में मेक इंडिया के बल पर भारत ने अपनी मिसाइल क्षमता को बहुत अधिक बढ़ा लिया है। जिसका असर ये हो रहा है कि भारत आज चीन की फौज से ज्यादा मजबूत नजर आ रही है। चीन के साथ बढ़ते तनाव के मद्देनजर भारत लगातार मजबूत हो रहा है। इस सूचकांक के आधार पर रक्षा नेटवर्क के लिहाज से भारत अब चीन से इक्कीस है। हालांकि साल भर में भारत का आर्थिक रिश्तों के साथ ही कूटनीतिक और सांस्कृतिक प्रभाव भी कम हुआ है।

चीन के कूटनीतिक दबदबे में भी कमी

चीन लगातार तीसरे साल दूसरे स्थान पर काबिज है। बावजूद इसके कोरोना संक्रमण की महामारी की गंभीरता के बारे में जानकारी दबाए रखने के आरोप के बाद से ही उसके कूटनीतिक दबदबे में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इसमें चीन की आक्रामक नीति का भी काफी योगदान है। तो जिस तरह से भारत ने अपनी कूटनीति के जरिये चीन के खिलाफ मोर्चा खोला है उससे यही लगता है कि चीन कूटनीतिक तौर पर कमजोर हो रहा है। इसका साफ उदाहरण इस बात से भी मिल रहा है कि यूरोप हो या एशिया दोनो जगह उसका साथ देने वालो की कमी देखी जा रही है। भारत चीन को आर्थिक मोर्चे पर भी जोरदार टक्कर दे रहा है जिसका असर ये हो रहा है कि ज्यादातर देश कोरोना काल के बाद भारत को चीन से बेहतर मान रहे है।

6 साल से निरंतर कुछ न कुछ ऐसा हो रहा है जिससे देश की साख लगातार विश्व के मानचित्र पर बढ़ती जा रही है। फिर वो आर्थिक मोर्चा हो या सामरिक हर तरफ भारत एक मजबूत राष्ट्र की नींव रख रहा है। जो ये बताता है कि वो दिन दूर नही जब भारत पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनकर दुनिया को दिखायेगा कि भारत किसी से कम नही।