दुनिया में बढ़ती भारत की ताकत

दुनिया में बढ़ती भारत की ताकत

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती ताकत को दुनिया अब न सिर्फ समझ रही है बल्कि इसको स्वीकार भी कर रही है। दुनिया की महाशक्तियां कहे जाने वाले देश रूस, अमेरिका, इजरायल, ब्रिटेन, फ़्रांस तथा चीन भी अब विश्व में भारत के बढ़ते दबदबे को स्वीकार कर रहे हैं।

भारत की बढ़ती ताकत से रूस, अमेरिका, इजरायल, ब्रिटेन, फ़्रांस और जापान भी मुग्ध हैं। और ये सभी देश भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के पक्ष में हैं। पिछले कुछ वर्षों में ये परिवर्तन मोदी सरकार की विदेश नीतियों, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों की वज़ह से है।

लेकिन कुछ लोग अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों पर सवाल उठाते हैं और पूछते है कि इससे क्या हासिल हुआ। यही नहीं इस सरकार पर यह भी आरोप लगता है कि विदेश मामलों को यह ठीक से हैंडल नहीं कर पाती। लेकिन वास्तविकता कुछ और है। पिछले पांच साल के दौरान विदेश मंत्रालय का कामकाज शानदार रहा है। ना सिर्फ दुनिया के अन्य देशों से भारत के संबंध बेहतर हुए, द्विपक्षीय व्यापार बढ़ा और भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा। आज वैश्विक मसलों पर भारत के प्रधानमंत्री से विश्व के नेता सलाह मशविरा करते हैं तो यह भारत की बढ़ती ताकत का ही प्रतीक है। मोदी सरकार के कार्यकाल में विश्व में जहां भी भारतीय मुसीबत में पड़े उनकी पूरी पूरी मदद की गई है।

मोदी सरकार की ताकत का आप अंदाज़ा इस बात से भी लगा सकते है की अलग-अलग देशों में अपने देश के चुनाव में अब हिन्दुओं, भारतीयों और मोदी सरकार की योजनाओं तक की चर्चा होती है। हाल के दिनों में अमेरिका, इजरायल और ब्रिटेन के चुनाव में मोदी और हिन्दुत्व का मुद्दा छाया हुआ था :

ब्रिटेन का चुनाव

इस बार के ब्रिटेन के चुनाव में बोरिस जॉनसन को ब्रिटेन का प्रधानमंत्री चुना गया। बोरिस जॉनसन की कंज़र्वेटिव पार्टी ने हमेशा मोदी सरकार और उनकी नीतियों का समर्थन किया, जिसका फायदा वहां के चुनाव में उनको मिला और स्पष्ट बहुमत से उनकी सरकार की वापसी हुई। साथ ही कंजरवेटिव पार्टी के नेता प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भारतीय हिन्दू समुदाय को लुभाने के लिए कई मंदिरों में जाके पूजा-अर्चना भी किया।

अमेरिकी चुनाव में किया मोदी और हिन्दुओं की बात

अमेरिका में इस साल होने वाले चुनाव में भी मोदी और हिन्दुओं की चर्चा हो रही है। अमेरिका में हाउडी मोदी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प समेत 60 लॉ मेकर्स, सिनेट्स और महासभा सदस्य शामिल हुए थे। मोदी ने ट्रम्प के काम की सराहना करते हुए इंडियन कम्युनिटी से कहा था की – अबकी बार, ट्रम्प सरकार। ठीक इसी तरह का नारा मोदी ने अपने लोकसभा चुनाव में भी इस्तेमाल किया था। डोनाल्ड ट्रंप के मोदी की मेगा रैली “हाउडी मोदी” कार्यक्रम में शिरकत करने का मकसद वहां के भारतीय समुदाय के लोगो को अपनी ओर आकर्षित करना भी था। अमेरिका में इस साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को दो हिंदू महिलाएं चुनौती दे सकती हैं। ये दो महिलाएं हैं तुलसी गेबार्ड और कमला हैरिस। दोनों ही अमेरिका में काफी चर्चित हैं। जहां तुलसी हिंदू धर्म पर अपने विचारों को लेकर काफी मशहूर हैं, वहीं कमला भी ‘फीमेल ओबामा’ के नाम से अपनी एक अलग जगह बना चुकी हैं। अगर तुलसी निर्वाचित होती हैं तो सबसे युवा एवं अमेरिका की पहली महिला राष्ट्रपति होंगी। इसके अलावा वह पहली गैर ईसाई एवं पहली हिंदू होंगी जो शीर्ष पद पर काबिज होंगी।

इजराइल के चुनाव प्रचार के बैनर में बेंजामिन के साथ मोदी

इजराइल के वर्तमान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू की लिकुड पार्टी ने अपने मतदाताओं को रिझाने के लिए एक बैनर जारी किया था, जिसमे नेतान्याहू भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, के साथ नज़र आ रहे थे। तेल अवीव स्थित लिकुड पार्टी के मुख्यालय में इस चुनाव प्रचार वाले बैनर को चारो-तरफ लगाया गया था। ज़ाहिर सी बात है इस बैनर से लिकुड पार्टी नेतान्याहू के विश्व के नेताओं के साथ उनके सम्बन्ध और तालमेल को दर्शाने के लिए लगाया गया होगा। इस बैनर के ज़रिये लिकुड पार्टी के नेतान्याहू विश्व के बड़े नेताओं से उनकी नजदीकियां दर्शाना चाहते थे ।