आपदा के साल 2020 में न थके हम न हारे हम

साल 2020 बस कुछ घंटों का ही अब मेहमान रह गया है। इतिहास में इस साल को आपदा की दस्तक के तौर वाला साल कहा जाये तो गलत न होगा लेकिन इस बात को भी सभी मानेगे कि साल कितना भी आपदा से भरा रहा हो पर देश को एक नई राह दिखा गया है। कोरोना माहामारी से निपटने के लिये देश जिस आत्मनिर्भर बनने के रास्ते चला है। उससे देश के कई सेक्टर में आज भारत बहुत बड़े आयाम छूने के करीब पहुंच चुका है।

भारतीय रेल देशवासियों का पक्का साथी

वैसे भारतीय रेल न कभी थकती है और न कभी रुकती है इस बात को विभाग ने 2020 में साबित भी किया है। लाख बाधाओं के बाद भी रेलवे ने इस दौरान जहां देश में हजारो किलोमीटर का सफर तय करके  खाने पीने का सामान पहुंचाया तो खुद देश में ही निर्मित रेल इजंन, कोच और दूसरी जरूरत की चीजों का निर्माण करके दिखा दिया कि रेलवे पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनने की राह पर चल चुका है। इतना ही नही कोरोना काल में बीमारी से छिड़ी जंग में भी आगे आते हुए हजारों के इलाज का प्रबंध किया तो मास्क बनाकर और लॉकडाउन के दौरान लोगो को खाना बांटकर एक तरह से मानवता  का कम भी किया. साथ ही साथ विशेष ट्रेन चलाकर ना जाने कितनो को एक दूसरे से मिलाया। मतलब रेलवे ने ये दिखा दिया की भारतीय रेल सिर्फ रेल ही नही बल्कि भारतवासियों के दुख सुख का साथी भी है।

नये कारोबार को मिले पंख

कोरोना महामारी के चलते देश में लॉकडाउन लगाना पड़ा इससे कारोबार पर सबसे ज्यादा असर पड़ा खासकर चोटे कारोबारियों पर लेकिन पीएम मोदी की प्रेरणा और आत्मनिर्भर योजना के चलते आपदा को अवसर में इन कारोबारियों ने ऐसा बदला कि आज कई कारोबारी तो दूसरो के लिए मिसाल बन गये है। खासकर ऐसे ही एक छोटे कारोबारी रामेश की कहानी हम आपको बताते है। रामेश की कपड़े बनाने की एक छोटी सा कारखाना लॉकडाउन के चलते बंद हो गया था लेकिन इसके बाद उन्होने बच्चो के कपड़े बनाने की जगह मास्क और वन टाइम यूजर कपड़े को बनाने का काम शुरू किया इस काम के लिए उन्होने सरकार की आत्मनिर्भर योजना का फायदा भी लिया जिसके बाद वो आज पहले से बेहतर काम कर रहा है। ऐसे कई रमेस की कहानी है जिन्होने इस काल में कुच बेहतर करने के लिये काम कियया और आज वो बहुत आगे भी पहुंच गये है। ये तो छोटा उदाहरण था। कोरोना के चलते ही हम अपने पैरों में खड़े होने के लिए पहले से बेहतर ही करते जा रहे है। मसलन देश में खुद अपना वैटिलेटर बनाने का काम शुरू हुआ तो रक्षा के सेक्टर में भी भारत ने मेक इन इंडिया की छाप छोड़ी। इसी तरह दूसरे सेक्टर में भी हमने खुद को खड़ा करने की कोशिश ही नही की बल्कि खड़े होकर भी दिखाया तभी तो आज विश्व ये मान रहा है कि भारत की आर्थिक स्थिति आने वाले साल में दूसरे देशों से काफी बेहतर रहने वाली है।

ये सब हुआ है पीएम मोदी के जोशीले और प्रेरणा से भरे विचारो के चलते जिन्होने जिन्होने देश को उस जगह से दौड़ने का जोश भरा जहां से कई देश खड़े होने की ही कोशिश करने में लगे है लेकिन मोदी नीति के चलते भारत फुल स्पीड में साल 2020 में ही दौड़ने लगा है ऐसे में आने वाले साल में भारत की रफ्तार क्या होगी ये अब आप खुद तय करिये।