ऑक्सीजन की कमी की अफरातफरी के बीच, गृह मंत्रालय ने इंडस्ट्रीज को ऑक्सीजन की सप्लाई पर रोक लगाई

देश में ऑक्सीजन की कमी को लेकर मचे बवाल के बीच सियासी आरोप भी खूब लग रहे है कि उनके हिस्से की ऑक्सीजन दूसरे राज्य के लोग रोक रहे है जिसको देखते हुए अब गृह मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है जिसमे साफ कर दिया गया है कि दूसरे राज्य को जा रहे ऑक्सीजन के टैंकर को कोई राज्य रोक नही सकता है। साथ ही इंडस्ट्रीज को ऑक्सीजन की सप्लाई पर आज से रोक लगा दी गई है।

गृह मंत्रालय ने रोकी इंडस्ट्रीकी ऑक्सीजन सप्लाई

कोरोना वायरस से देश में बिगड़ते हालात और ऑक्सीजन की भारी किल्लत को देखते हुए गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। गृह मंत्रालय ने इंडस्ट्रीज के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई पर आज से रोक लगा दी है। देशभर में सुचारू रूप से ऑक्सीजन सप्लाई हो इसलिए गृह मंत्रालय ने यह आदेश जारी किया। इस फैसले के बाद सरकार की तरफ से छूट मिली इंडस्ट्री को ही ऑक्सीजन की सप्लाई होगी। आदेश के मुताबिक औद्योगिक जरूरत के लिए ऑक्सीजन सप्लाई आज से नहीं की जा सकती है। सिर्फ 9 श्रेणियों को छोड़कर ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले, ऑक्सीजन का निर्माण करने वाले प्लांट और ऑक्सीजन की आवाजाही करने वाले वाहनों पर कोई रोक नहीं होगी।

ऑक्सीजन को लेकर देखा जा रहा था टकराव

ऑक्सीजन टैंकर को लेकर एक राज्य और दूसरे राज्यों के बीच में सियासी घमासान भी देकने को मिल रहा है जहां एक तरफ दिल्ली के डिप्टी सीएम यूपी और हरियाणा पर ऑक्सीजन टैंकर रोकने का आरोप लगा रहे है तो बदले में हरियाणा दिल्ली पर उसके हिस्से का ऑक्सीजन चोरी करने का आरोप लगा रहा है। तो दूसरी तरफ राजस्थान ने भी अपनी सीमा में टैंकर को रोकने की खबर तेजी से फैली ये ऑक्सीजन दिल्ली के चननदेवी अस्पताल के लिये आ रहा था हालाकि केंद्र की दखल के बाद ऑक्सीजन दिल्ली के लिए रवाना हुआ लेकिन इस विवाद को खत्म करने के लिये अब सरकार ने सख्त आदेश दिया है कि किसी भी जगह ऑक्सीजन के टैंकर को नही रोका जायेगा। जिससे वक्त रहते ऑक्सीजन हर जगह पहुंच सके।

फिलहाल अफरतफरी के बीच कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ इसपर बहस करने की वजह जल्द ऑक्सीजन की कमी तो दूर करने के लिए उपाय किये जाये। जैसा केंद्र करने में लगा है वैसे ही राज्य भी अपनी तरफ से ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने में आगे आकर काम करे तो ही लोगो की जान बच सकती है।