कोरोना संकट काल में भी बिना रुके, बिना थके काम करने वाले हमारे प्रधान

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कोरोना संकट के दौरान जहां सब कुछ लॉकडाउन था, लोग अपने घरो में बैठे थे तो इस विपदा से कैसे देश औऱ देश की जनता को बचाया जाये इसके लिये एक व्यक्ति रात दिन काम में जुटा था और वो व्यक्ति था भारत का प्रधानसेवक पीएम नरेंद्र मोदी जो ऐसे सख्त हालातों से देश और देश के आर्थिक तंत्र कैसे बचाया जाए इसके लिये बैठक पर बैठक कर रहे थे।

कोरोना महामारी के बाद भी पीएम मोदी लगातार ऐक्टिव

जी हां देश को कोरोना से बचाने के लिए पीएम मोदी ने पहले दिन से ही कमर कस ली थी तभी पहले अपने अफसरों के साथ कोरोना से कैसे निपटा जाये इसका खाका तैयार करने के लिए बैठक पर बैठक करते रहे तो आर्थिक हालात को सुधारने के लिए मीटिंग पर मीटिंग करते रहे। जानकारों की माने तो पीछले एक महीने में पीएम मोदी ने करीब 50 बैठक की है जिसमें ये तय किया गया कि कैसे इस बीमारी के बाद देश की आर्थिक पहिये को रफ्तार दिया जाये। वैसे पीएम मोदी ने महापैकेज का ऐलान करके आत्मिर्भर भारत की शुरूआत करके देश में एक सकारात्मक माहौल तो पैदा किया है लेकिन इस माहौल को जारी रखने के लिये वो हर दिन कुछ न कुछ नया सोचते रहे हैं और हालात का जायजा भी ले रहे हैं। पीएम ने इस दौरान विकास कार्यों का खाका से लेकर कई क्षेत्रों में सुधार वाले फैसले किए। पीएम ने इस दौरान कोविड महामारी से निपटने के लिए भी कई बड़े फैसले किए। सूत्रों के अनुसार बैठकों में सेक्टर वाइज राहत देने पर भी चर्चा हुई है और आने वाले समय में इसपर फैसला किया जा सकता है। रेग्युलर बैठक और पब्लिक प्रोग्राम नहीं होने के कारण पीएम का दिन कई वर्चुअल बैठकों से पैक रहता था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस मीटिंग को स्किप नहीं कर सकते थे। एक व्यक्ति 2 घंटे तक मीटिंग में रहा। औसतन एक बैठक में लोग शामिल होते थे। इस दौरान कई मुद्दों पर चर्चा होती और विकास को कैसे गति दी जाए इसपर मंथन होता था। इसके अलावा कई और बैठकें भी होती थीं जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ से लेकर टैक्स क्षेत्र में तकनीक का प्रयोग। गरीबों और प्रो मिडिल क्लास के लिए कल्याणकारी नीतियां और लोगों के जीवन स्तर को आसान बनाने के मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

बैठकों में पीएम देते थे अपनी अहम राय

जानकारों की माने तो पीएम ने बैठकों में बंदरगाहों  की जमीनों का प्रभावी उपयोग, टैक्स कलेक्शन में ट्रांसपरेंसी के लिए तकनीक का इस्तेमाल के सुझाव दिए। पीएम ने राज्यों को भी तकनीक के प्रयोग की सलाह दी, ताकि स्थानीय शासन की क्षमता बढे़। ग्रामीण इलाकों में ऑनलाइन लर्निंग पर भी जोर दिया। इसके अलावा DBT स्कीम्स के लिए यूपीआई के प्रयोग की भी बातें कही। पीएम के साथ बैठक में नीति आयोग ने भी अपना प्रजेंटेशन दिया। कोरोना महामारी को देखते हुए पीएम के इकनॉमिक अडवायजरी काउंसिल और वित्त मंत्रालय ने रिफॉर्म के विकल्पों पर भी विचार किया। सूत्रों ने बताया कि ऐसा लगता है कि एक बड़े आर्थिक पैकेज की जगह कई क्षेत्रों के बारे में कोई फैसला लिया जा सकता है। यह भी महसूस किया गया कि सरकार के पहले की घोषित योजनाएं का असर भी जाना जाए। रियल एस्टेट सेक्टर पर गहनतापूर्वक चर्चा की गई। आने वाले समय में इस सेक्टर में कैसी मांग रहती है, यह देखने वाली बात होगी। पीएम की बैठकों में तकनीक मुख्य मुद्दा रहता था। NASSCOM के साथ वर्चुअल बैठक में पीएम मोदी बेहतर डेटा गर्वनेंस पर जोर देने की अपील की।

कुल मिलाकर ये कहा जाये कि देश में सकारात्मक ऊर्जा जिसकी इस वक्त सबसे ज्यादा जरूरत थी वो पीएम मोदी ने हर वक्त देशवासियों के सात शेयर की समय समय पर वो देश से सीधी बात करते हुए भी दिखाई दिए और आज भी अपने हर संबोधन में वो हिदायद देते हुए नजर आते हैं कि आखिर कोरोना को कैसे मात दिया जा सकता है।


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