‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने की जल की बात जिससे देश बने खुशहाल

साल की अपनी दूसरी मन की बात में एक बार फिर से पीएम मोदी ने उस मुद्दे पर बात की जिस मुद्दे पर सालों से लोग वोट तो मांगते रहे लेकिन उसके बाद उस मुद्दे को चुनाव तक ठंडे बस्ते में बंद कर देते थे। जी हां, आप सही समझे हम बात कर रहे हैं जल संरक्षण की जिसे लेकर पीएम ने हमे सजग भी किया साथ ही कुछ लोगों का उदाहरण भी दिय जिनके चलते आज देश के कई हिस्से पानी की समस्या से नहीं जूझ रहे हैं।

100 महिलाओं ने मिलकर तलाब को नहर से जोड़ा

मन की बात में पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश के छतरपुर के भेल्दा गांव की महिलाओं के जज्बे के बारे में बताया जिन्होने पानी की समस्या को खत्म करने के लिए जिन्होने पहाड़ काटकर नहर से तालाब को जोड़ दिया। इसमें उनकी प्रेरणा बनीं 19 साल की बबीता राजपूत, जिनकी तारीफ पीएम मोदी ने तारीफ की हैष लगभग 100 से ज्यादा महिलाओं ने जल संवर्धन के क्षेत्र में परमार्थ समाज सेवी संस्थान के सहयोग से लगभग 107 मीटर लंबे पहाड़ को काटकर एक ऐसा रास्ता बनाया, जिससे उनके गांव के तालाब में अब पानी भरने लगा है और उन्हें खुशहाली नजर आ रही है। पीएम मोदी ने बबीता की बात करते हुए कहा कि महज 18 महीने में इन लोगो ने 107 मीटर लंबा पहाड़ काट दिया जिसके बाद तालाब में पानी भरने लगा तो सूखे कुएं में भी पानी आ चुका है। इसके अलावा जो हैंडपंप सूख गए थे, अब वह भी पानी देने लगे हैं जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है।

तमिलनाडु और उतराखंड के भागीरथ के भी किस्से सुनाए

इसी तरह पीएम मोदी ने तमिलनाडु के लोगों द्वारा जल संरक्षण के बारे में बताया पीएम ने बताया कि आज तमिलनाडु के किसान अपने इलाको में छोटे छोटे पोखर बना रहे है जिसमें बरसात का पानी जमा कर रहे है जिससे उन्हे खेती के साथ साथ पीने के पानी की किल्लत भी दूर हो रही है। इसी तरह उन्होने उत्तराखंड के बागेश्वर के जगदीश की बात भी की और बताया कि कैसे उन्होने अपने इलाके में पानी के संकट को दूर किया पीएम की माने तो उन्होने पौधारोपण करके पानी का संचय किया जिससे आज इस इलाके में फिर से पानी की किल्लत कम हुई है।

 

इन लोगों की कहानी सुनाकर पीएम मोदी ने देश के लोगों को ये बनाना चाहते थे कि पानी का संचय कितना जरूरी है। यूं तो पीएम पानी संचय को लेकर हमेशा से सजग रहते हैं तभी तो उन्होने दूसरी बार सत्ता में आते ही इसके लिये एक अलग मंत्रालय ही बनवा दिया जो जल संकट से निपटने के लिये काम करने में जुटा हुआ है। खुद पीएम मोदी ने दावा किया कि इस बार गर्मी की शुरूआत से पहले ही सरकार की तरफ से पूरी कोशिश की जा रही है कि गांव कस्बों या शहरो में पानी की किल्लत न हो इसके साथ साथ बारिश के पानी का संचय बेहतर तरीके से हो सके इसका भी इंतजाम किया जा रहा है जिससे देशवासियों को जल की समस्या न आये।