2013 में नहीं मिला था विदेश सचिव का पद, अब संभालेंगे विदेश मंत्रालय

मोदी के दुसरे मंत्रिमंडल में विदेश सचिव के पद को सुशोभित करने वाले सुब्रमण्यम जयशंकर 1977 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं| पद्म श्री से सम्मानित जयशंकर अमेरिका और चीन में भारत के राजदूत भी रहे है| इसके बाद मोदी सरकार के प्रथम कार्यकाल में जयशंकर 2015 से 2018 तक भारत के विदेश सचिव भी रहे|

अपने कार्यकाल में देश के लिए कई अहम फैसलों में उनकी भागेदारी रही है, जैसे डोकलाम समस्या का हल निकालने में भी जयशंकर का अहम योगदान रहा| सुब्रमण्यम जयशंकर ने ना केवल एनडीए बल्कि यूपीए सरकार में भी काफी अहम काम किए है| 2007 की न्यूक्लियर डील में भी उनका हाथ था| देखा जाए तो सुब्रमण्यम जयशंकर न केवल एक काबिल अफसर रहे है बल्कि उन्होंने सरकार के तरफ से दी गयी जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभाया है|

2013 – जब नहीं मिला था विदेश सचिव का पद

2013 के जून-जुलाई में जब मनमोहन सरकार नए विदेश सचिव की नियुक्ति पर विचार विमर्श कर रही थी तब दो आईएफएस अधिकारीयों पर बात आकर रुकी थी, एक थी सुजाता सिंह और दुसरे थे सुब्रमण्यम जयशंकर|

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सूत्रों के अनुसार, मनमोहन सिंह चाहते थे की सुब्रमण्यम जयशंकर विदेश सचिव बने पर बाजी मारी सुजाता सिंह ने| सुजाता सिंह का पलड़ा कांग्रेस के पुराने नेता टीवी राजेश्वर की बेटी होने के नाते पहले से ही भारी था| और खुद सोनिया गाँधी ने भी सुजाता सिंह के लिए वीटो किया था|

2015 – मोदी सरकार में बने विदेश सचिव

2014 में आई मोदी की सरकार और 2015 में अचानक ही सुजाता सिंह की छुट्टी कर दी गयी| उस समय उनके कार्यकाल के 6 महीने बचे थे| समय और सरकार के साथ विदेश सचिव भी बदले गए, सुब्रमण्यम जयशंकर को विदेश सचिव बनाया गया|

2019 – मोदी 2.0 में बने विदेश मंत्री

30 मई 2019 की बात करें तो फिर से मोदी सरकार में सुब्रमण्यम जयशंकर को विदेश मंत्री के तौर पर शामिल किया गया है| अब यहाँ से ये तो स्पष्ट है कि मोदी सरकार में भाई भतीजावाद के लिए कोई जगह नहीं है| सुब्रमण्यम जयशंकर ने अपने एनडीए के कार्यकाल में जिस बखूबी से अपने कार्यो को अंजाम दिया ये उनके उसी मेहनत का परिणाम है कि आज वो मोदी सरकार के मंत्रिमंडल का एक अहम हिस्सा हैं|

कांग्रेस के कार्यकाल में जहाँ सुजाता सिंह को टीवी राजेश्वर की बेटी और सोनिया गाँधी के करीबी होने का फायदा मिला वही अब मोदी सरकार में सुब्रमण्यम जयशंकर को उनके काम का फायदा मिला|