अब मोदी के नक्शे-कदम पर चलना होगा इमरान को

कोरोना वायरस पाकिस्‍तान में बहुत तेजी से फ़ैल रहा है | वहां कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्‍या 25 पहुंच गई है और 1870 से ज्‍यादा लोग संक्रमित हैं। महासंकट की इस घड़ी में भी पाकिस्‍तान के पीएम इमरान खान लॉकडाउन करने से बच रहे हैं। इमरान खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देकर देश में लॉकडाउन लगाने की किसी भी संभावना से इनकार किया है। उन्‍होंने कहा क‍ि भारत में लॉकडाउन के लिए पीएम मोदी को माफी मांगनी पड़ी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इमरान खान चाहे कितना भी बच लें लेकिन बिना लॉकडाउन किए पाकिस्‍तान को कोरोना के कहर से मुक्ति नहीं मिलेगी।पाकिस्‍तान में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले लगातार तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।

नमाज पर मुस्लिम कट्टरपंथियों से डर रहे इमरान!

कोरोना को रोकने के लिए पाकिस्‍तान ने देशभर में सेना को तैनात किया है लेकिन इस महामारी को रोकने के लिए बेहद जरूरी सोशल डिस्‍टेंसिंग से वह कोसों दूर है। पाकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति की अपील के बाद भी मस्जिदों में भारी भीड़ जुट रही है। 

असल में कट्टरपंथियों की मदद से सत्‍ता में आए इमरान खान को अपने ‘आकाओं’ के नाराज होने का डर सता रहा है। इसी वजह से वह चाहकर भी मस्जिदों में सामूहिक नमाज पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं। उनका यह डर वाजिब भी है। पिछले दिनों कुछ जगहों पर जब पुलिस ने एक साथ जुटकर नमाज पढ़ने से रोका तो स्‍थानीय लोग भड़क गए थे। 

मोदी पर तंज, वुहान में लॉकडाउन का समर्थन

उन्होंने सोमवार को भारत में कोरोना को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को अपने फैसले के लिए जनता से माफी मांगनी पड़ी है। इमरान ने भारत की ओर इशारा करते हुए कहा कि पड़ोसी देश में लॉकडाउन से लोग सड़क पर आ गए हैं।

इसी भाषण में इमरान ने यह भी कहा कि कोरोना के केंद्र चीन के वुहान शहर में लॉकडाउन लगाने के कारण वायरस को रोका जा सका। इस तरह इमरान खान ने लॉकडाउन को पीएम मोदी पर तंज कसा लेकिन अपने सदाबहार मित्र चीन के फैसले की तारीफ की। इमरान ने कहा, ‘अगर हम देश के लोगों को खाना उपलब्ध नहीं करा सकते, यह लॉकडाउन सफल नहीं हो सकता।’ दरअसल, पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में अपने संबोधन में कहा था कि लॉकडाउन से लोगों को परेशानी हुई है जिसके लिए मैं माफी मांगता हूं।

भारत ने तेजी से समझी जरूरत: थिंकटैंक

विशेषज्ञ भी पीएम मोदी के लॉकडाउन लगाने के फैसले की प्रशंसा कर रहे हैं। ऐम्सटर्डैम के थिंक-टैंक यूरोपियन फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (EFSAS) का कहना है कि 130 करोड़ लोगों पर लॉकडाउन लगाना आसान नहीं हो सकता |

EFSAS के डायरेक्टर जुनैद कुरैशी ने कहा, ‘मेरे विचार में COVID19 को फैलने से रोकने में लॉकडाउन सही और जरूरी कदम रहा। जब यूरोपीय देशों समते कई देशों ने महामारी के बढ़ने के बावजूद बड़ा कदम उठाने में समय लगा लिया, भारत ने जल्द सीमाएं बंद कर दीं और लॉकडाउन घोषित कर दिया।’ उन्होंने कहा, ‘भारत सरकार ने इस बात जल्दी समझ लिया कि ऐसी महामारी के घनी आबादी वाले भारत या साउथ एशिया में फैलने से विश्वस्तर पर भयानक नतीजे होंगे।