ISI चीफ से मिलने के बाद कश्मीर पर फिर जहर उगलने लगे इमरान

जम्‍मू-कश्‍मीर में नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना की जोरदार कार्रवाई से पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान टेंशन में आ गए हैं। भारतीय सेना की लगातार जारी कार्रवाई के बाद पीएम इमरान खान ने सोमवार को खुफिया एजेंसी आईएसआई के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद के साथ राष्‍ट्रपति आरिफ अल्‍वी के साथ मुलाकात की। बताया जा रहा है कि तीनों के बीच बातचीत में भारतीय सेना के आक्रामक रुख का मुद्दा उठा।

पीएम इमरान खान ने भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह देखना चाहिए कि कश्मीर में किस तरह 8 महीने से लॉकडाउन जारी है और वहां ‘कट्टरपंथी हिंदुत्व सरकार’ लोगों को आधारभूत जरूरतों से वंचित रख रही है।अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच अपना चेहरा बचाने के लिए ही इमरान कोरोना के गंभीर संकट के बीच कश्मीर का मुद्दा उठा रहे हैं। 

क्या है इमरान खान का ट्वीट

इमरान ने मंगलवार को ट्वीट किया, ‘दुनियाभर में महामारी के वक्त लॉकडाउन के खिलाफ विभिन्न जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं – क्योंकि वहां मेडिकल, वित्तीय, कम्युनिकेशन या भोजन संबंधी मदद नहीं दी जा रही है। अब संभवतः अंतरराष्ट्रीय समुदाय कश्मीर में लोगों की तकलीफ को समझ सकता है, क्योंकि वे क्रूर दमन से जूझ रहे हैं।’

इमरान के ट्वीट की टाइमिंग

जिस वक्त पूरी दुनिया कोरोना संकट के खिलाफ लड़ने में जुटी है। पाकिस्तान के सैनिक बिना उकसाहट नियंत्रण रेखा पर सीजफायर का उल्लंघन कर भारतीय सीमा में गोलीबारी कर रहे हैं। वह भी ऐसे वक्त में जब संयुक्त राष्ट्र ने खुद अपील की है कि इस वक्त संघर्ष प्रभावित इलाकों में सीजफायर घोषित किया जाना चाहिए। नियंत्रण रेखा पर 2003 से ही संघर्षविराम लागू है लेकिन इसके बावजूद कोरोना संकट में भी पाकिस्तान इसका बार-बार उल्लंघन कर रहा है।

भारतीय सेना प्रमुख ने देखी थी तैयारी

दरअसल, सीमा पर पिछले दिनों भारतीय सेना के वीर जवानों ने पाकिस्‍तानी आतंकवादियों के घुसपैठ के एक प्रयास को विफल कर दिया था। इसके बाद भारतीय सेना ने एलओसी पर स्थित आतंकवादियों के लॉन्‍च पैड को भी नष्‍ट कर दिया था। इसके बाद दोनों ही ओर से भारी हथियारों से लगातार गोलाबारी हो रही है। सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने शुक्रवार को कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के आसपास सुरक्षा हालात की समीक्षा की थी।

रक्षा प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया के मुताबिक दो दिवसीय कश्मीर दौरे के दूसरे दिन नरवणे ने घुसपैठ रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों सहित नियंत्रण रेखा के आसपास के सुरक्षा हालात की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि सेना प्रमुख ने उत्तरी सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी और चिनार कॉर्प के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू के साथ विभिन्न सैन्य ठिकानों और इकाइयों का दौरा किया।