इमरान खान ने एक साल में रिकार्ड 16 अरब डॉलर का लिया विदेशी कर्ज

Imran Khan took record $ 16 billion in foreign debt a year

पाकिस्तान ने अपने इतिहास में पहली बार एक साल में विदेश से सोलह अरब डॉलर का कर्ज लिया है। यह कर्ज मुख्यत: पहले से लिए गए कर्ज पर ब्याज को चुकाने और आयात बिलों को चुकाने के लिए लिए गए। ‘द एक्सप्रेस न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, संघीय सरकार के दस्तावेजों के मुताबिक यह कर्ज वित्त वर्ष 2018-19 में लिए गए, जिनमें इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक इंसाफ (पीटीआई) का ग्यारह महीने का कार्यकाल शामिल है।

पाकिस्तान के इतिहास में यह तीसरी बार है जब किसी सरकार ने एक साल के भीतर 10 अरब डॉलर से ऊपर विदेशी कर्ज लिया है। 16 अरब डॉलर का कर्ज सरकार के अपने ही अनुमान ही 6.7 अरब डॉलर यानी 71 फीसदी ज्यादा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस सोलह अरब डॉलर के विदेशी कर्ज में से पीटीआई सरकार ने 13.6 अरब डॉलर का कर्ज लिया है। यह देश में एक साल के दौरान किसी भी सरकार द्वारा लिया गया सर्वाधिक कर्ज है। बाकी का 2.4 अरब डॉलर कर्ज जुलाई 2018 में अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान लिया गया था।

इस 16 अरब डॉलर के कर्ज में से 5.5 अरब सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात से लिए गए हैं, लेकिन सूत्रों ने अखबार को बताया कि आर्थिक मामलों का मंत्रालय इस हफ्ते जो आंकड़े जारी करेगा, उसमें संघीय सरकार के कर्जो के रूप में इन 5.5 अरब डॉलर को नहीं दिखाया जाएगा।

सूत्रों ने कहा कि सरकार आधिकारिक रूप से वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 10.5 अरब डॉलर कर्ज के रूप में दिखाएगी। बाकी के 5.5 अरब डॉलर स्टेट बैंक आफ पाकिस्तान की बैलेंसशीट में दर्ज किए जाएंगे। इस बारे में वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता डॉक्टर खाकान नजीब ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब से मिला धन स्टेट बैंक आफ पाकिस्तान के पास जमा है। इनका इस्तेमाल सरकार के बजटीय कामकाज में नहीं हो रहा है। यह स्टेट बैंक के रिजर्व का हिस्सा हैं।

16 अरब डॉलर का 42 फ़ीसदी हिस्सा यानी 6.7 अरब डॉलर का क़र्ज़ पाकिस्तान ने चीन से लिए हैं। इनमें 2.54 अरब डॉलर व्यावसायिक क़र्ज़, 1.6 अरब डॉलर सीपीईसी के तहत, दो अरब डॉलर एसएएफई डिपॉजिट और 62.84 करोड़ डॉलर कराची न्यूक्लियर पावर प्लांट्स के लिए दिया। वित्तीय वर्ष 2017-18 में चीन ने पाकिस्तान को 4.5 अरब डॉलर का क़र्ज़ दिया था।