इमरान खान को आई भारत की याद, कहा- भारत से रिश्ते बेहतर होंगे तो सुधरेगी पाक की हालत

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को एक बार फिर से भारत की याद आई है। इमरान खान ने खुद माना की भारत से अच्छे रिश्ते के बिना पाक की आर्थिक हालात ठीक नहीं होंगे। भारत की नाराजगी अब उन्हें खटकने लगी है और भारत के साथ वो तनाव कम करना चाहते हैं। उन्होंने इसके लिए एक बार फिर से अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र संघ से मदद मांगी है। इमरान खान ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका समेत अंतरराष्ट्रीय शक्तियों से, भारत के साथ तनाव कम करने में मदद का अनुरोध किया है।

उन्होंने बुधवार को दावोस में वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम के अपने संबोधन में कहा कि जब भारत के साथ उनके देश के संबंध सामान्य हो जाएंगे, तब दुनिया को पाकिस्तान की आर्थिक संभावनाओं के बारे में पता चलेगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से ये रिश्ते बेहतर नहीं हैं।

दावोस में वल्र्ड इकोनॉमिक कांग्रेस सेंटर में ‘पाकिस्तान स्ट्रेटेजी डायलॉग’ नामक एक सत्र को संबोधित करते हुए अपने विशेष संबोधन में इमरान खान ने कहा कि उनका दृष्टिकोण पाकिस्तान को एक कल्याणकारी देश बनाने का है। हालांकि, शांति और स्थिरता के बिना आर्थिक वृद्धि संभव नहीं है। भारत में आतंक फैलाने वाले पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कहा कि शांति और स्थिरता के बिना आर्थिक विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सिर्फ शांति के लिए किसी भी अन्य देश के साथ भागीदारी करने को तैयार हैं। उन्होंने अमेरिका के साथ संबंध को ऐसी ही भागीदारी बताया। इमरान ने माना, पाकिस्तान में धार्मिक कट्टरपंथ है और आतंकवाद की वजह से पाकिस्तान बदनाम हुआ है। पाक पीएम ने अपने भाषण में हिंदू-बौद्ध पर्यटन की संभावनाओं का भी जिक्र किया।

इमरान ने कहा, ‘हमारा दूसरा सबसे बड़ा पड़ोसी भारत है। दुर्भाग्य से भारत से हमारे संबंध अच्छे नहीं हैं। मैं उन सब बातों में नहीं जाना चाहता हूं, लेकिन एक बार भारत के साथ हमारे रिश्ते सामान्य होने के बाद दुनिया को पाकिस्तान की वास्तविक रणनीतिक उपयोगिता का पता चलेगा।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास पहाड़ी पर्यटन की व्यापक क्षमता है। साथ ही हमारे पास हिंदुओं और बौद्ध सहित धार्मिक पर्यटन के लिए काफी संभावनाएं है।

दावोस में वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम के अपने संबोधन में पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने माना की आतंक की वजह से पाकिस्तान की छवि खराब हुई है और अब पाकिस्तान कोई आना नहीं चाहता है। पाकिस्तान की पर्यटन क्षमता पर प्रकाश डालते हुए पाक पीएम ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया के सबसे अनदेखे देशों में से एक है।

इमरान ने कहा, ‘पाकिस्तान मुझसे सिर्फ पांच साल बड़ा है। हमारे संस्थापक पाकिस्तान को इस्लामिक कल्याणकारी देश बनाना चाहते थे। जब मैं किशोर था तो मुझे कल्याण का मतलब नहीं पता था। जब मैं इंग्लैंड गया तब मुझे इसका मतलब पता चला। उस समय मैंने फैसला किया कि जब भी मुझे मौका मिलेगा, मैं पाकिस्तान को कल्याणकारी बनाने के लिए काम करूंगा।’

बता दे की पाक पीएम इमरान खान फिलहाल विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए स्विट्जरलैंड की 3 दिवसीय यात्रा पर हैं। इस दौरे पर वह कॉर्पोरेट, व्यापार, प्रौद्योगिकी एवं वित्त अधिकारियों के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ कई बैठकें करेंगे।

 


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