मोदी के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का असर – गिरफ़्तारी से बचने के लिए चिदंबरम गायब

आज का भारत, प्रधानमंत्री मोदी का भारत है जहाँ भ्रष्टाचारियों के लिए कोई जगह नहीं| घूसखोरी किसी ने भी की चाहे वो कोई सेलेब्रिटी हो, कोई मंत्री, या पूर्व केंद्रीय मंत्री ही क्यों न हों मोदी सरकार हर घुसखोर के बही-खाते देश के सामने लाएगी और सजा भी दिलाएगी| इस समय ED और CBI का पूरा ध्यान पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम पर केन्द्रित है| बता दें कि INX मीडिया घोटाले केस में ED और CBI ने दोनों पिता और बेटे के खिलाफ अरेस्ट वारंट के साथ-साथ लुकआउट नोटिस भी जारी कर दिया|

पी चिदंबरम और बेटे कार्ति चिदंबरम पर CBI और ED ने क्यों कसा शिकंजा

दरअसल 2G स्पेक्ट्रम मामले की जाँच के दौरान मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही ईडी टीम का ध्यान मैक्सिस से जुड़ी कंपनियों से पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम से जुड़ी कंपनियों में पैसे आने पर गया| जब ED ने मामले की तह तक पहुँचने की कोशिश की तो कार्ति चिदंबरम के घूसखोरी के कारनामे एक के बाद एक सामने आने लगे| दोनों बाप-बेटे की मुश्किलें और बढ़ गयी जब INX के प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी ने सरकारी गवाह बनने का फैसला किया|

क्या है घोटाले का पूरा मामला ?

FIBP यानि की फॉरन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड ने साल 2007 में INX मीडिया कंपनी को 4.62 करोड़ रुपये के निवेश के लिए स्वीकृति दी थी| साथ ही ये भी बताया था की कंपनी में ‘डाउनस्ट्रीम इन्वेस्टमेंट’ के लिए अलग से स्वीकृति लेनी होगी| पर FIBP से बचते हुए कंपनी ने डाउनस्ट्रीम इन्वेस्टमेंट किया और INX मीडिया में 305 करोड़ रुपये से अधिक का फॉरन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट हासिल किया, जबकि सिर्फ 4.62 करोड़ रुपये तक के इन्वेस्टमेंट की ही स्वीकृति मिली थी|

ये मामला 17 मई 2017 को सामने आया तब CBI ने FIBP पर अनियमितता का आरोप लगते हुए FIR दर्ज की| CBI ने कहा की FIPB ने INX मीडिया को 2007 में  पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान विदेश से 305 करोड़ रुपये फंड दिया है पर क्लीयरेंस देने में अनियमितता दिखा रही है| FIR दर्ज होते ही ये मामला ED के पास चला आया और ED ने भी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज कर दिया|

इन्द्राणी मुख़र्जी के बयान से ED का हाथ पहुंचा पी चिदंबरम के गले तक

INX की प्रमोटर इन्द्राणी मुख़र्जी ने CBI को दिए गए बयान में बताया की INX मीडिया की FIBP को दी गयी अर्जी को लेकर खुद मुख़र्जी अपने पति पीटर और कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ पूर्व वित्त मंत्री के दफ्तर नॉर्थ ब्लॉक में जाकर मुलाकात की थी| उनके पति पीटर मुख़र्जी ने वित्त मंत्री के समक्ष INX मीडिया की अर्जी पेश की और INX मीडिया की अर्जी पर मंजूरी के बदले वित्त मंत्री ने पीटर से बेटे कार्ति के बिजनेस में मदद  करने की बात कही|

क्या है ED के आरोप चिदंबरम पर?

मामले की पूरी जाँच के बाद ED ने बाप-और बेटे दोनों के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया है| ED का आरोप है की बेटे कार्ति चिदंबरम के ने जो स्पेन में टेनिस क्लब, यूके में कॉटेज के साथ-साथ देश-विदेश में कुछ अन्य संपत्तियां खरीदीं है, जिनकी कुल कीमत 54 करोड़ के लगभग है, उसके लिए ये पैसा कहाँ से आया है इसका कोई हिसाब नहीं है| ED के अनुसार ये संपत्तियां आईएनएक्स मीडिया केस में रिश्वतखोरी के पैसे से खरीदी गई है|

बता दें कि चिदंबरम के निवास पर जब ED और CBI उनकी गिरफ़्तारी के लिए पहुंची तो वहां से नदारद थे| चिदंबरम को एक और झटका कोर्ट से भी मिला है जहाँ पर आज इस केस की सुनवाई होनी थी| कोर्ट ने नोटिस जारी किया है की जब तक चिदंबरम की गिरफ़्तारी नहीं हो जाती तब तक इस केस की सुनवाई शुरू नहीं की जाएगी|