स्वच्छता मिशन का प्रभाव, रैली के बाद ग्राउंड में नहीं दिखती गंदगी

देश में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद शुरूआती वक़्त से ही स्वछता पर सबसे अधिक बल दिया गया है| स्वछता को ही ध्यान में रख कर सरकार ने “स्वच्छ भारत अभियान” कार्यक्रम को भी शुरुआत किया है| हालियाँ मामला पीएम मोदी के रैली से जुड़ा हुआ है| प्रधानमंत्री द्वारा जिस पहल की नीव रखी गयी थी, उसका परिणाम भी अब उनके ही रैली में दिखने लगा है|

अब रैली के बाद ग्राउंड में गंदगी नहीं होती….. मोदी है तो….

अब रैली के बाद ग्राउंड में गंदगी नहीं होती….. मोदी है तो….

India First यांनी वर पोस्ट केले सोमवार, १५ एप्रिल, २०१९

दरअसल, लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी के पक्ष में धुआंधार कैम्पेनिंग कर रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बीते दिनों कर्नाटक के बैंगलोर में रैली थी| तय वक़्त पर जब प्रधानमंत्री की सभा शुरू हुई| प्रधानमंत्री ने बड़ी तादाद में जुटे लोगो के बीच अपना बात रखा| अब यहाँ तक तो सब कुछ सहज था, जो अमूमन सभी सियासी पार्टियों के जनसभाओं में होता है| लेकिन इसके बाद जो हुआ वो वाकई में चौंका देने वाले था| रैली में प्रधानमंत्री को सुनने आये लोगो ने न केवल वापस से कुर्सियों को व्यवस्थित तरीके से इकठ्ठा किया, बल्कि वहां मौजूद लोगो ने आस पास पड़े कचरे को भी हटाना शुरू कर दिया| ये देख वहां आस-पास के मीडियाकर्मी समेत कई लोग हैरान हो गए| लेकिन बावजूद इसके लोगो ने जब तक पूरी तरह से सभा स्थल को पूर्ववर्ती स्थिति में नहीं ला दिया, वो नहीं रुके|

जब वहां मौजूद लोगो से इस गतिविधि को लेकर सवाल पूछा गया तो लोगो का कहना था की, “इसमें हैरानी की कोई बात ही नहीं है| हम सब प्रधानमंत्री जी को सुनने आये थे| और यह हमारी न्यूनतम जिम्मेदारी बनती है कि सभा स्थल जिस स्थिति में था कम से कम हम उस स्थिति में ही इसे वापस ला दे| चूँकि यहाँ सभा के बाद जो भी गंदगी लगी थी| जाहिर सी बात है कि वो यहाँ के लोगो गतिविधियों के वजह से ही लगी होगी| इस वजह से हमने यह करना उचित समझा|” आगे जब पत्रकारों ने पूछा की क्या ऐसा करते वक़्त आपको थोरी भी झिझक महसूस नहीं हुई! इसके जवाब में वहां मौजूद लोगो ने कहा, “झिझक किस बात कि, हमारे प्रधानमंत्री जब सफाई कर्मचारियों के पैर धो सकते है| तो क्या हम इतना भी नहीं कर सकते| हम सबको इस बात की प्रेरणा उन्ही से मिली है|”

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स्वच्छता को लेकर पीएम मोदी ने पेश की थी मिशाल

प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले भी स्वच्छता मिशन को लेकर कई नजीर पेश किये है| बीते मार्च महीने में पीएम मोदी ने 21 लाख की निजी बचत को कुंभ सफाई कर्मचारी कॉरपस फंड को दान कर दिया था| वही बीतें फरवरी महीने में भी प्रधानमंत्री मोदी ने सियोल शांति पुरस्कार से मिली करीब डेढ़ करोड़ की राशि भी नमामि गंगे के लिए दान कर दी थी|

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने प्रयागराज में कुम्भ मेले में शामिल हुए 5 सफाईकर्मियों के पैर धोए थे जिस चीज की चौतरफा सराहना हुई थी| इसके बाद मोदी ने उन्हें अंगवस्त्र देकर उनका आभार भी जताया था| इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा पंडाल में स्वच्छाग्रहियों और सुरक्षा कर्मियों को सम्मानित भी किया|और दो नाविकों राजू और लल्लन को भी पुरस्कृत किया था|