विश्व ने भी माना भारत की विकास दर रहेगी दुनिया में सबसे आगे

कोरोना के कारण साल 2020 में दुनिया के ज्यादातर देश चाहे वो विकसित हों या विकासशील, उनकी विकास का अमुमान नेगेटिव जताया जा रहा है। IMF के अनुमान के मुताबिक, एडवांस इकॉनमी और डेवलपिंग इकॉनमी में ग्रोथ रेट नेगेटिव ही रहेगा । लेकिन इस विषम स्थिति में भी भारत के लिए एक अच्छी खबर है, IMF की माने तो कोरोना संकट के बाद भी भारत और चीन दो देश होंगे जिनकी विकास दर पॉजिटिव  रह सकती है। । चीन की विकास दर का अनुमान 1.2 फीसदी और भारत की विकास दर का अनुमान सबसे ज्यादा 1.9 फीसदी जताया गया है।

 

कोरोना के खिलाफ एशियाई देशों का प्रदर्शन बेहतर

IMF की माने तो कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम की दिशा में एशियाई देश अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और ये देश तेजी से वापसी कर सकते हैं। आईएमएफ के निदेशक (एशिया एवं प्रशांत विभाग) चांग योंग री ने कहा कि एशिया में कोरोना वायरस का असर हर क्षेत्र में होगा तथा गंभीर व अप्रत्याशित होगा। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, ‘एशिया अभी भी अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर कर रहा है और तेज वापसी कर सकता है। एशिया की औसत वृद्धि दर अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक है।’ 

धीरे धीरे आएगी विकास दर में तेजी 

एशिया की वृद्धि दर 2021 में बढ़कर 7.6 प्रतिशत हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ‘लेकिन इसका यह मतलब नहीं हुआ कि पूरे नुकसान की भरपाई तुरंत हो जाएगी। वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट का एशिया पर असर होगा इससे पूरे 2021 के दौरान भी उत्पादन का स्तर महामारी के पहले के स्तर की तुलना में कम ही रह सकता है। हालांकि यह भी कहा गया है कि यह पूर्वानुमान काफी अनिश्चित है। 

मतलब साफ है कि भारत संकट के दौर से जल्द ही उबरकर बाहर निकलने में सक्षम है बस ऐसे में हम सब को भी हमारे प्रधानमन्त्री मोदी जी का साथ देना होगा जिससे इस संकट को हम सब मिलकर दूर कर सकें और पीएम मोदी के साथ हम भी मक्खन पर नहीं बल्कि पत्थर पर लकीर खींचकर दिखा दें कि अगर 135 करोड़ भारतीय कुछ करने की सोच लेते हैं तो वो फिर पूरा करके ही रहते हैं |