लोकसभा में पीएम मोदी का ये भाषण नही सुना तो फिर कुछ नहीं सुना

कहते है न कि स्टार प्लेयर जब मैदान में उतरता है, तो बड़ो बड़ो की छुट्टी कर देता है। कुछ यही आलम आज लोकसभा में देखने को मिला जब पीएम मोदी ने धन्यवाद प्रस्ताव पर अपना भाषण शुरू किया। विपक्ष पीएम के भाषण को सुनकर सिर्फ बगल झाकता हुआ ही नजर आया।

पीएम मोदी ने विपक्ष को किया धीर

पीएम नरेंद्र मोदी अपनी वाकपटुता के लिए जाने जाते हैं। उसकी एक बानगी आज फिर लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मिली। मोदी एक बार फिर पूरे रंग में दिखे सबसे पहले उनके निशाने पर कांग्रेस के नेता अधीर रंजन रहे। मोदी ने अधीर की भाषण शैली को फिट इंडिया मूवमेंट से ही जोड़ डाला औऱ कहा कि वो भाषण के साथ साथ Gym भी खूब करते है जो अच्छा है।

कविता पढ़ के पीएम ने दिया जवाब

पीएम मोदी ने कहा, ‘देश में सिर्फ सरकार ही नहीं बदली है सरोकार भी बदला है। अगर ये भी सरकार पिछली सरकार की तरह चलती तो जम्मू-कश्मीर से 370 नहीं हटता।’ पीएम मोदी ने सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता का जिक्र करते हुए कहा, ‘लीक पर वे चलें जिनके चरण दुर्बल और हारे हैं…हमें तो जो हमारी यात्रा से बने, ऐसे अनिर्मित पथ ही प्यारे हैं…।’ उन्हों ने कहा, ‘आपकी सोच रहती तो करतारपुर नहीं बनता, पुरानी सोच से चलते तो ट्रिपल तलाक से मुक्ति नहीं मिल पाती।’

कश्मीर मामले के जरिये निशाने पर विपक्ष

संविधान खतरे में और संविधान की हत्या मोदी राज में हो रही है, कश्मीर में धारा 370 हटाकर मोदी सरकार ने कश्मीर की अवाम की आवाज दबाई है, ऐसे आरोप लगाने वाले शशि थरूर को भी लोकसभा में पीएम ने नही छोड़ा। थरूर पर तीर चलाते हुए पीएम ने कहा कि आपातकाल के वक्त जब संविधान की हत्या की गई थी तब कांग्रेस को इसकी याद नहीं आई थी। धर्म के नाम पर देश के टुकड़े करते वक्त कांग्रेस को संविधान खतरे में नहीं लगा था।

मोदी बोले- खा रबड़ी, कर कसरत

विपक्ष पर एक किस्से के जरिये जब पीएम मोदी ने व्यंग कसा तो संसद का माहौल में सिर्फ ठहाके लगे। विपक्ष के ज्ञान पर सवाल उठाते हुए पीएम ने कहा एक बार कुछ लोग रेल में सफर कर रहे थे। रेल जैसे गति पकड़ती थी, तो पटरी से आवाज आती थी। वहां बैठे हुए एक संत महात्मा बोले कि देखो पटरी में से कैसी आवाज आ रही है। यह बेजान पटरी भी हमें कह रही है- प्रभु कर दे बेड़ा बार। दूसरे संत ने कहा कि मैंने सुना नहीं। मुझे तो यह सुनाई दे रहा है- प्रभु तेरी लीला अपरंपार। वहां बैठे मौलवी ने कहा कि उन्हे दूसरा ही सुनाई दे रहा है। उसने कहा मैं सुन रहा हूं- अल्लाह तेरी रहमत। तभी वहां मौजूद पहलवान ने कहा कि मुझे तो सुनाई दे रहा है- खा रबड़ी कर कसरत। इससे समझ में आ गया होगा कि जैसे मन की रचना होती है, वैसे ही हमें सुनाई देता है। आपके यह देखने के लिए इतनी दूर करने की जरूरत नहीं थी, बहुत कुछ पास में है।

CAA का विरोध करने वालों पर करारा प्रहार

100 मिनट के भाषण में पीएम ने उन लोगो पर जोरदार हमला बोला जो CAA को लेकर देश में भ्रम फैला रहे है। उन्होने कहा कि जिस वक्त देस के पहले पीएम नेहरू और लियाकत के बीच इस पर मोहर लग रही थी तो क्या नेहरू जी भी कट्टर हो गये थे। अगर नहीं तो फिर आज इस बिल को लेकर ऐसा हल्ला क्यो मचाया जा रहा है। पीएम मोदी ने कड़े शब्दों में कहा कि वोट के लिये आप की नज़र में जो मुस्लिम है, वो हमारी नजर में भारतीय है और इसीलिये उनकी सरकार देशहित में फैसला लेती है जबकि पहली की सरकारो ने वोटबैंक को ध्यान में रखकर फैसले लिये है।

ऐसा नहीं की पीएम ने सिर्फ लोकसभा में विपक्ष पर निशाना साधा इसके साथ साथ ये भी बताया कि देस के विकास के लिये कैसे उनकी सरकार सबको साथ लेकर विकास की ओर बढ़ रही है। किसान हो या आम आदमी के लिये काम कर रही है। वही अंत में पीएम ने सभी से गुहार भी लगाई की देश के बेहतर कल के लिए सभी मिलकर काम करे जिससे देश की आर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन बन सके और भारत दुनिया में सबसे ऊपर स्थान पा सके।