पीएम मोदी को समझना है तो ‘द मोदी स्टोरी’ से होना होगा रूबरू

वैसे तो पीएम मोदी का जीवन एक खुली किताब है लेकिन इसके बावजूद भी कुछ ऐसी बाते है जो आप देश के सबसे लोकप्रिय नेता के बारे में नहीं जानते है ऐसी ही कई कहानियों को लेकर एक ‘द मोदी स्टोरी’ वेबसाइट की शुरूआत हुई है जिसमें देश के कई बड़े लोगों ने पीएम मोदी के साथ जुड़े अपने अनुभव साझा किये है।  

पीएम मोदी के जीवन से जुडे कुछ खास कहानियां

इस वेबसाइट में मोदी के जीवन से जुड़ी ढेरों चीजें शामिल की गई हैं। ‘द मोदी स्टोरी’ पीएम नरेंद्र मोदी की यात्रा पर तैयार की गई एक वेबसाइट है, जिसे कई क्षेत्रों की चर्चित हस्तियों द्वारा बनाया गया है। मोदी स्टोरी के ट्विटर हैंडल की ओर से दावा किया गया है कि वेबसाइट ‘नरेंद्र मोदी’ के जीवन के प्रेरक क्षणों को एक साथ लाने के लिए एक स्वयंसेवक द्वारा संचालित पहल है, जैसा कि उनके सह-यात्रियों द्वारा सुनाया गया है। ‘मोदी स्टोरी’ पीएम मोदी के जीवन से जुड़ी उन कहानियों का संग्रह है, जिसमें उनके करीबियों ने उन्हें करीब से देखा और उनके बारे में रोचक कहानियां बताईं। ऐसे ही उनके स्कूल के एक शिक्षक है, जिन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी एक सैनिक स्कूल में दाखिला लेना चाहते थे। इसी तरह एक पुराने पड़ोसी ने बताया कि आपातकाल के दौरान नरेंद्र मोदी सिख का वेश धारण किया करते थे और लोगों की मदद के साथ देश में लोकतंत्र की स्थापना हो इसके लिये काम करते थे। इस वेबसाइट का मुख्य उद्देश्य उन सभी यादों को एक साथ लाना है, जिन्होंने नरेंद्र मोदी को करीब से देखा है। वीडियो, ऑडियो या लिखित प्रारूप के रूप में या फिर संग्रह के रूप में कोई भी योगदान दे सकता है। वेबसाइट के मुताबिक, ‘हम मानते हैं कि नरेंद्र मोदी की जीवन कहानी को जिन्होंने करीब से देखा है, वह आज और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह आत्म विश्वास की भावना लाती है कि ‘मैं भी मोदी की तरह बन सकता हूं।’

मोदी स्टोरी’ पर नीरज चोपड़ा ने भी साझा किए अनुभव

कई कहानियों के बीच, ‘मोदी स्टोरी’ वेबसाइट पर ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा का पीएम मोदी से मिलने के अपने अनुभव को साझा करते हुए एक वीडियो संदेश भी डाला गया है. उन्होंने कहा, ‘हमें ऐसा नहीं लगा कि हम भारत के प्रधानमंत्री से मिल रहे हैं। उन्होंने हर एक खिलाड़ी से बात की और वो हमारे बारे में व्यक्तिगत रूप से जानते थे। नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद से खेलों में काफी बदलाव आया है। वही  नरेंद्र मोदी के स्कूल शिक्षक रासबिहारी मनियार ने बताया कि नरेंद्र मोदी बचपन में एक सैनिक स्कूल में शामिल होना चाहते थे। वही मोदी जी के एक और सहयोगी जो संगठन में उनके साथ काम करते थे उन्होने बताया है कि मोदी जी संन्यासी बनना चाहते थे। बकायदा इसके लिये वो वनवास पर भी गये लेकिन फिर उनके अदर देशप्रेम की एक अलक जगी जिसे पूरा करने वो वापस लौटे जिसके बाद राष्ट्रभक्ति और जनसेवा में उन्होने बहुत काम किये जिन्हे गिनाया नहीं जा सकता है।

सच में पीएम मोदी की जीवन की कहानी धैर्य और अनुग्रह को दिखाती है तो दूसरी तरफ एक ऐसे राजनीतिक व्यक्तित्व को दर्शाती है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।