ढीले पड़े तो आ सकता है बड़ा संकट, घर-घर पहुंचकर करना होगा अब वैक्सीनेशन : मोदी

रोम और ब्रिटेन के दौरे के बाद भारत पहुंचे पीएम मोदी ने तुरंत ही बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। सबसे पहले पीएम मोदी ने देश के करीब 48 जिलों में सुस्त पड़ी वैक्सीनेशन की रफ्तार को गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारियों के साथ चर्चा की। इस दौरान पीएम मोदी ने टीकाकरण अभियान को तेज करने के उद्देश्य से ‘हर घर दस्तक’ कार्यक्रम की भी शुरुआत की।

हर घर टीका, घर-घर टीका पर करना होगा काम’

पीएम मोदी ने इस दौरान अधिकारियो से कहा, ‘अब हर उस घर में दस्तक दी जाएगी जहां अब तक कोविड वैक्सीन की दोनों डोज नहीं लगी है। अब हर घर टीका, घर-घर टीका इस जज्बे के साथ हम सबको घर-घर पहुंचना है।‘ पीएम मोदी ने कहा, ‘100 साल की इस सबसे बड़ी महामारी में देश ने अनेक चुनौतियों का सामना किया है। कोरोना से देश की लड़ाई में एक खास बात ये भी रही कि हमने नए-नए समाधान खोजे, इनोवेटिव तरीके आजमाए। आपको भी अपने जिलों में वैक्सीनेशन बढ़ाने के लिए नए इनोवेटिव तरीकों पर और ज्यादा काम करना होगा।’ उन्होंने कहा, क्षेत्र में योग्य आबादी का टीकाकरण करने के लिए एक योजना के तहत गाने और जिंगल का भी उपयोग कर सकते हैं।

छोटी-छोटी टीमें बनाकर लोगों तक पहुंचें

प्रधानमंत्री ने जिलाधिकारियों से बातचीत में कहा, ‘अपने जिलों में एक-एक गांव, एक-एक कस्बे के लिए अगर अलग-अलग रणनीति बनानी हो तो वो भी बनाइए। आप क्षेत्र के हिसाब से 20-25 लोगों की टीम बनाकर भी ऐसा कर सकते हैं। जो टीमें आपने बनाई हों, उनमें एक बेहतर कंपटीशन हो, इसका भी प्रयास कर सकते हैं।’ इतना ही नही इसके लिये उन्होने जिलों के घर्मगुरूओं की मदद लेने की बात भी बोली। उन्होने माना की वैक्सीनेशन को सफल बनाने में एक चुनौती अफवाह और भ्रम की स्थिति भी है। इसका एक बड़ा समाधान है कि लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक किया जाए। इसमें स्थानीय धर्मगुरुओं की भी मदद भी ली जा सकती है। वैक्सीन पर धर्मगुरुओं के संदेश को भी हमें जनता तक पहुंचाने पर विशेष जोर देना होगा।

पीएम मोदी ने साफ किया कि भारत ने एक दिन में ढ़ाई करोड़ लोगों का टीकाकरण करके अपनी शक्ति को दुनिया में दिखाया है। हम वैक्सीनेशन को सफल बना सकते है बस इसके लिये हमें एक साथ मिलकर प्रयास करने होगे जिसके लिये सबको साथ में मिलकर प्रयास भी करने होगे, फिर देखिये कैसे हम इस अभियान में पूरी तरह से सफल होते है। पीएम के एक एक बोल अधिकारियों को मोटिवेशन कर रहे थे। ऐसे अब देखना ये होगा कि पीएम मोदी के भाषण के बाद क्या इन जिलो के हालात बदलते है।