मोदी जी को कैसे मिटा पाओगे, जिन्होने देशवासियों के दिल में बना लिया है घर

ग्लोबल वर्ल्ड लीडर्स की लिस्ट हो या टाइम मैगजीन के पन्ने या फिर ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, सभी जगह लोकप्रियता के शिखर पर बने रहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आदिवासी समाज के दिलों में भी जगह बना रहे हैं। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से भी लगा सकते हैं कि कई आदिवासी परिवारों में पैदा होने वाले बच्चे का नाम ‘मोदी’, ‘नमो’ रखा जा रहा है। इतना ही नहीं, न सिर्फ बच्चों के नाम, बल्कि दुकानों तक में इस लोकप्रियता की धमक दिखाई पड़ती है। गांव की छोटी-छोटी दुकानों में ‘मैं भी हूं चौकीदार’ नाम वाले नमकीन और चिप्स के पैकेट बिक रहे हैं। तो दूसरी तरफ जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद जिस तरह से विकास की बहार आई है कि वहां के हर नागरिक की जुबान में पीएम मोदी का नाम है और वो उन्हे भगवान का दूसरा रूप भी समझ रहे है और बता रहे है।

जम्मू के पाली गांव के लोग मोदी को मानते भागवान का दूसरा रूप़

पीएम मोदी रविवार को जम्मू के पाली गांव जाने वाले है लेकिन पीएम के आने से पहले इस इलाके में खुशी की लहर साफ वहां रहने वाले लोगों में देखी जा सकती है। हर तरफ लोगों में एक अलग सा उत्साह है तो गांव के बुजुर्ग पीएम मोदी को आज भगवान का रूप मानते हैं और कहते है कि पीएम मोदी से ज्यादा ईमानदार नेता आज तक नहीं देखा। पीएम मोदी ने गरीबों के लिए बहुत कुछ काम किया है। मसलन जैसे वो किसानों को 2 हजार रूपये दें रहे हैं तो मुफ्त में अनाज भी दे रहे हैं। इसके साथ साथ देश का तेजी से विकास भी करने में लगे है। इसी तरह का सम्मान पीएम मोदी के प्रति उत्तराखंड में भी देखा गया था जब एक बुजर्ग महिला ने मोदी जी की तारीफ में बहुत कुछ कहा था। जिससे ये साफ होता है कि आम लोगों के दिल में पीएम मोदी ने अपना स्थान बना लिया है।

देश में बच्चों का नाम पीएम मोदी के नाम पर रखने का चल रहा जोरदार प्रचलन

एमपी के बड़ेरा, बरदा बुजुर्ग, सैसईपुरा और लहरौनी जैसे गांवों में जहां सबसे ज्यादा आदिवासियों की संख्या है वहां लोगों के बीच में अपने बच्चों का नाम पीएम मोदी के नाम पर रखने की होड़ साफ देखी जा रही है। मोदी जी लोगों के दिलों में किस तरह जगह बनाते जा रहे हैं, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि आदिवासी समाज के कई गांवों में बच्चों के नाम नमो, नरेन्द्र मोदी या मोदी मिल जाएंगे। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता का नजारा आप श्योपुर जिले के गांवों में भी देख सकते हैं, जहां झोपड़ियों में चल रही छोटी-छोटी दुकानों में पीएम मोदी के स्टाइलिश फोटो और ‘मैं भी हूं चौकीदार’ नाम वाले नमकीन और चिप्स के पैकेट लटकते मिल जाएंगे। पन्नियों में लिपटी रंग-बिरंगी बर्फ वाली ‘नमो आइसक्रीम’ मिल जाएगी।

सबसे मजे की बात तो ये है कि ज्यादातर जिन लोगों ने मोदी जी के नाम पर अपने बच्चों का नाम रखा है वो सभी किसी ना किसी मोदी सरकार की योजना का लाभ भी उठा रहे हैं और इसीलिये ये लोग मोदी जी से इतने प्रभावित है।