भारत पर बालाकोट जैसा हमला करने में कैसे विफल हुआ पाकिस्तान

पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवादियों को मुहतोड़ जवाब देते हुए उनकी कमर तोड़ दी थी| पीओके और पाकिस्तान के आतंकी कैंपो पर (Air Strike on Terrorist Camp) भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) ने हवाई हमला किया और उसके सारे कैंपो को तबाह कर दिया|

भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान मिराज 2000 के 12 जेट ने पीओके और पाकिस्तान के बालाकोट में जाकर हवाई हमले (Indian Strikes) किए और आतंकी कैंपो को न सिर्फ पूरी तरह तबाह किया बल्कि करीब 300 आतंवादियों को भी मार गिराया था| वायुसेना की इस बड़ी कार्रवाई में न सिर्फ 300 आतंकवादी मारे गए हैं, बल्कि इसमें जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का बहनोई युसूफ अजहर भी मारा गया था|

भारतीय वायु सेना ने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए 12 मिराज फाइटर जेट का सहारा लिया| इतना ही नही, करीब 1000 किलो बम भी बरसाए गए| बता दें कि, 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे| जिसकी ज़िम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी|

पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने भी पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने पर हवाई हमला किया था| इस हमले के ठीक अगले दिन यानी 27 फरवरी को पाकिस्तान भी भारत पर ऐसा ही एक हमला करने वाला था, लेकिन वो इसमें सफल नही हो पाया|

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प्रतीकात्मक तस्वीर

समाचार एजेंसी एएनआई को सरकारी सूत्र ने बताया, “27 फरवरी को पाकिस्तानी वायु सेना 20 विमानों के साथ आई थी, जिनमें अमेरिका का एफ-16, फ्रांस के मिराज-III एस और चीन का जेएफ-17 शामिल था। इनके साथ ही उसने 11 एक हजार किलो के एच-4 बमों को अपने क्षेत्र में 50 किमी की रेंज से तीन मिल्ट्री टारगेट को निशाना बनाते हुए गिराया था। लेकिन किसी पर भी हमला करने में नाकाम रहा।”

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प्रतीकात्मक तस्वीर

एच-4 बमों को पाकिस्तानी वायु सेना ने मिराज-III एस से गिराया था। इन बमों को काफी दूरी से गिराया गया, जिसके चलते ये निशाने पर नहीं लगे। ये उसी क्षमता के बम हैं जो भारतीय वायु सेना ने स्पाइस-2000 से बालाकोट में गिराए थे। एच-4 बमों को पाकिस्तान ने साउथ अफ्रीका की सहायता से बनाया है।

सूत्र ने कहा, “एच-4 ज्यादा सटीक नहीं हैं और उसने अपने लक्ष्य भी मिस किए। इन हमलों में से एक जम्मू कश्मीर स्थित सेना के कैंप पर किया गया, लेकिन उस इमारत को एक बड़े और मोटे पेड़ ने बचा लिया, जिसे काफी नुकसान भी हुआ। लेकिन पेड़ ने पाकिस्तान के हमले को नाकाम कर दिया। जब ये हमला हुआ, तब वरिष्ट अफसर कैंप में ही मौजूद थे| ये बम तीन स्थानों पूंछ और अन्य सेक्टरो में गिराए गए थे| आगे उन्होंने ने कहा पाकिस्तानी वायु सेना के हमले को नाकाम करने में भारतीय वायु सेना द्वारा तेज़ी से की गयी करवाई कारण हो सकती है| जिसके वजह से एच-4 बम अपने निशाने पर नही लगे| पाकिस्तानी विमान अलग- अलग बेस से उड़ान भरने के बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 27 फरवरी को एकत्रित हुए थे|

सुखोई ने नाकाम किए एफ-16 के मिसाइल हमले

पाकिस्तान ने एयर टू एयर मिसाइल दागने के लिए अपने सबसे अडवांस विमान एफ-16 का इस्तेमाल किया। वहीं मिराज-IIIएस को ग्राउंड मिसाइल हमले के लिए इस्तेमाल किया। उसी दौरान भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान ने अपने मिग-21 से आर-73 मिसाइल दागते हुए पाकिस्तान का एफ-16 लड़ाकू विमान गिरा दिया था।