मोदी सरकार ने पद्म अवार्ड को कैसे जनता का अवार्ड बना दिया?

मोदी सरकार ने हर उस रिवायत को इन 4.5 सालों मे बदला है जिससे देखकर यही लगता था कि अगर आप एक परिवार के करीब है या उनकी खशामदी मे लगे है तो मानो सरकार आप पर मेहरबान है और सरकारी फायदे के साथ साथ सरकारी पुरूस्कार भी आप इस वरियता मे दिये जाते थे । लेकिन अब ये दूर की कौडी हो गई है। तभी तो मोदी सरकार मे सरकारी पुरस्कार उन लोगो को मिलने लगे है जो सही मायने मे इस देश के लिये कुछ कर रहे है।

इसका जीता जागता सबूत पद्म सम्मान है जो ऐसे लोगों को मिले है जो जो ना तो दरबारी हैं, ना लुटियंस के हैं और ना ही मीडिया में छाये रहने वाले चेहरे लेकिन अपने क्षेत्र मे इन लोगो ने खूब काम किये है। पद्म सम्मान के लिये इस बार ऐसे 15 किसान चुने गए हैं जिन्होंने खेती और कृषक जीवन के लिए काफी काम किया है। ये किसान वैज्ञानिक तरीके से बागवानी, कृषि, खेती में उच्च तकनीक का प्रयोग करने, ऑर्गेनिक खेती और पशुपालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करनेवाले लोग हैं। 112 पद्म सम्मानों के लिए इस बार 50 हजार से अधिक नामांकन आए थे।

पद्म सम्मानों के लिए नामांकन में 2014 की तुलना में इस साल 20 गुना अधिक रही। हर नामांकन की जांच एक वैज्ञानिकक्रिया के तहत होती है। इनके कामों की समीक्षा के साथ, क्वॉलिटी चेक, छंटनी और विशेषज्ञों की राय ली जाती है। मोदी सरकार की कोशिश रही है कि इन अवॉर्ड्स को सरकारी अवॉर्ड की जगह पर जनता का अवॉर्ड बनाया जा सके। इसके लिए देश के दूर-दराज के इलाकों में उल्लेखनीय काम करनेवाले लोगों को ढूंढ़कर सम्मानित करने की कोशिश है।

किसानों को प्रोत्साहन के लिए सम्मान

सरकार की माने तो ‘पद्म अवॉर्ड 2019 के लिए ऐसे लोगों का चयन किया गया है जिन्होंने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान किया। इन लोगों का काम न सिर्फ अपने क्षेत्र में निर्विवाद रूप से बेहतरीन है बल्कि निस्वार्थ भाव से सेवा करने के लिए भी जाने जाते हैं।’ इस बार पद्म सम्मान के लिए वैज्ञानिक तरीके से कृषि-बागबानी करनेवाले कंवल सिंह चौहान, वल्लभभाई वसरामभाई और जगदीश पारिख जैसे लोगों को चुना गया है।

 

कृषि में आधुनिक तकनीक लानेवालों को भी चुना गया

कुछ ऐसे किसानों को चुना गया है जिन्होंने कृषि में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल किया। भारत भूषण त्यागी, राम शरण वर्मा और वेंकटेश्वर राव यादलपल्ली जैसे किसान हैं। पारंपरिक बीज और ऑर्गेनिक खेती करनेवाले किसान कमला पुजारी, किसान चाची राजकुमारी देवी, बाबूलाल दहिया, हुकुमचंद पाटीदार, सुल्तान सिंह और मछली पालन में नरेंद्र सिंह जैसे लोगों को सम्मान के लिए चुना गया।

14 डॉक्टरों  को भी मिला पद्म सम्मान

पद्म सम्मान के लिए जिन 14 डॉक्टरों का चयन किया गया है, उन्हें सस्ता इलाज और दूर-दराज के इलाकों में गरीबों-वंचितों को मेडिकल सुविधा देने के लिए जाना जाता है। ओमेश कुमार भाटी को कुत्तों के काटने पर सस्ता इलाज देने के लिए पहचाना जाता है। सुदाम काटे को आदिवासी समुदाय के साथ मेडिकल क्षेत्र में काम के लिए जाना जाता है। जलने के बाद होनेवाली सर्जरी को सस्ता और सुलभ बनाने के क्षेत्र में रामस्वामी वेंकटस्वामी को भी पद्म सम्मान के लिए चुना गया है। गरीब मरीजों का मुफ्त में आंखों का इलाज करने के लिए प्रताप सिंह हरिदा को भी यह भीसम्मान मिल रहा है।

 

मतलब साफ है कि जो इस खिताब के सही मायनो मे हकदार थे इस बार उन लोगो को ही पुरूस्कार से नवाजा गया है। साथ ही साथ उन लोगो को इस पहल से हौसला भी मिलेगा जो इस तरह की कवायद मे लगे है कि अगर वो अपने क्षेत्र मे बेहतर करके देगे तो उनके नाम की ख्याति देश मे गूजेगी और सही मायने मे सरकार के द्वारा उटाया गया ये कदम तारीफ के काबिल है और इसके लिये सरकार की बढ़ाई करना भी कोई गलत काम नही होगा।