वित्त मंत्री के बज़ट वाले ब्रिफकेस का इतिहास

History of Finance Minister's Budget Briefcase

MODI 2.0 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 5 जुलाई को अपना यूनियन बजट पेश करने जा रही है| इस बार पहली दफा एक महिला वित्त मंत्री संसद में बज़ट पेश करेंगी| खैर आज का मुद्दा बज़ट या महिला वित्त मंत्री नहीं बल्कि उनके हाथ में नज़र आने वाला ‘ब्रिफकेस’ है| अगर आपने कभी गौर किया होगा तो देखा होगा कि जब भी कोई वित्त मंत्री बज़ट पेश करने संसद में आते हैं, तो उनके हाथ में एक ‘ब्रिफकेस’ होता है, जिसके साथ अक्सर वित्त मंत्री को मीडिया के सामने पोज़ देते हुए देखा गया है| इस साल आपको यह ब्रिफकेस दूसरी बार देखने को मिलेगा क्योंकि लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने अंतरिम बजट पेश किया था|

बज़ट पेश करने वित्त मंत्री का संसद में ब्रिफकेस के साथ आना पुरानी प्रथा है जो ब्रिटिश ज़माने से चली आ रही है| आपको एक और रोचक तथ्य बता दें कि संविधान में ‘बजट’ शब्द का इस्तेमाल ही नहीं किया गया है बल्कि इसे वार्षिक वित्तीय विवरण कहा जाता है| बज़ट शब्द का इतिहास भी इसी ब्रिफकेस से शुरू होता है|

क्या है इस ब्रिफकेस का इतिहास ?

इस बात से तो हम सभी अवगत हैं कि ब्रिटिश संसद को लगभग सभी संसदीय परम्परायों का जन्मदाता माना जाता है, पर बज़ट शब्द का इस्तमाल ब्रिटिश संसद में नहीं होता है| असल में 1733 में जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री रॉबर्ट वॉलपोल संसद में देश की मौजूदा हालत का लेखा-जोखा पेश करने आए, तो अपना भाषण और उससे सम्बंधित दस्तावेज चमड़े के एक बैग (थैले) में लेकर आये|

फ्रेंच भाषा में चमड़े के बैग को बुजेट कहते हैं, बस तब से ही इस परंपरा को बुजेट कहा जाने लगा, समय के साथ-साथ बुजेट शब्द ‘बज़ट’ में तब्दील हो गया| जब वित्त मंत्री चमड़े के बैग में दस्तावेज लेकर वार्षिक लेखा-जोखा पेश करने सदन में आते हैं, तो सांसद कहते है, “बजट खोलिए, देखें इसमें क्या है, या “अब वित्त मंत्री जी अपना बजट खोलें|”

ब्रिफकेस के रंग का इतिहास

इतने सालों में कई बार इस ब्रिफकेस का रंग बदला पर इसके आकार में कोई फर्क नहीं आया| पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह, 1991 में जब वित्त मंत्री के तौर पर कार्यरत थे तब परिवर्तनकारी बजट पेश करने के लिए काला ब्रिफकेस लेकर संसद पहुंचे थे| इनके अतिरिक्त जवाहरलाल नेहरू, यशवंत सिन्हा भी काला बैग लेकर बजट पेश करने पहुंचे थे, जबकि प्रणब मुखर्जी लाल ब्रीफकेस के साथ पहुंचे थे|

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्री रह चुके अरुण जेटली हाथों में रेड और ब्राउन ब्रिफकेस के साथ नज़र आये थे| इसी साल अन्तरिम बज़ट पेश करने के लिए कार्यवाहक वित्त मंत्री पियूष गोयल लाल ब्रिफकेस के साथ सदन पहुंचे थे|

अब देखना ये है की 5 जुलाई को बज़ट पेश करने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कौन से रंग के ब्रिफकेस के साथ संसद में आएँगी|