स्वास्थ क्षेत्र में ऐतिहासिक दिन: पीएम मोदी ने लॉन्च किया पीएम डिजिटल हेल्थ मिशन

 यूं तो मोदी सरकार जब से सत्ता में आई है तब से ही देश के हर वर्ग तक स्वास्थ व्यवस्था पहुंचे इसके लिये कई योजना ला चुकी है। हर राज्य में अस्पताल की कमी ना हो इसके लिये नये नये अस्पताल बनाये जा रहे है इसी क्रम में अब पीएम मोदी ने आज प्रधानमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन  लॉन्च किया। जिसमें भारत की स्वास्थ्य सुविधाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की ताकत है। इसके तहत देशवासियों को अब एक डिजिटल हेल्थ आईडी मिलेगी। हर नागरिक का हेल्थ रेकॉर्ड डिजिटली सुरक्षित रहेगा।

क्या है यह मिशन

इसके तहत देश के सभी लोगों को एक यूनीक आईडी कार्ड दिया जाएगा, जिसमें उनके स्वास्थ्य से जुड़ी सारी जानकारी होगी। इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि अगर आप देश के किसी भी कोने में इलाज के लिए जाएंगे तो आपको कोई जांच रिपोर्ट या पर्ची आदि नहीं ले जानी होगी। आपकी सारी जानकारी हेल्थ कार्ड में मौजूद होगी। डॉक्टर सिर्फ आपकी आईडी से ये जान सकेंगे कि आपको पहले कौन सी बीमारी रही है और आपका कहां क्या इलाज हुआ है। अभी तक यह नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन (NDHM) के नाम से चल रही थी। प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त, 2020 को लाल किले से इस योजना की घोषणा की थी। अभी यह अंडमान-निकोबार, चंडीगढ़, दादर नागर हवेली, दमनदीव, लद्दाख और लक्षद्वीप में चल रही है। अब पूरे देश में शुरू किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने क्या कहा

इसे लॉन्च करते हुए मोदी ने कहा कि बीते 7 वर्षों में, देश की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का जो अभियान चल रहा है, वह आज से एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। आज एक ऐसे मिशन की शुरुआत हो रही है, जिसमें भारत की स्वास्थ्य सुविधाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की ताकत है। मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत- डिजिटल मिशन, अब पूरे देश के अस्पतालों के डिजिटल हेल्थ सोल्यूशंस को एक दूसरे से कनेक्ट करेगा। इसके तहत देशवासियों को अब एक डिजिटल हेल्थ आईडी मिलेगी। हर नागरिक का हेल्थ रिकॉर्ड डिजिटली सुरक्षित रहेगा।

इस योजना के पूरे भारत में लागू हो जाने के बाद डॉक्टरों की पर्ची और मोटी मोटी फाइलो से तो छुटकारा मिलेगा दूसरी तरफ इलाज करवाना भी आसान होगा क्योकि आपके कार्ड के जरिये ये पता चल जायेगा कि आप को पहले कौन से बीमारी रह चुकी है और दूसरे डॉक्टर को इस बाबत इलाज करने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी।