पाक से आए हिंदू यूं मना रहे नागरिकता बिल पास होने का जश्न

राज्यसभा में जब नागरिकता संशोधन बिल पास हुआ उस समय दिल्ली में मौजूद पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी रेडियो से चिपके ध्यान से बहस सुन रहे थे जबकि कुछ फोन पर खबर देख रहे थे क्योंकि यह विधेयक भारत को आशियाना बनाने की उनकी इच्छा पर मुहर लगाएगा। मजनू का टीला इलाके में टेंट, बिना प्लास्टर की दीवार और टिन की चादरों से बनी छत के नीचे गुजर बसर कर रहे 750 पाकिस्तानी हिंदू पड़ोसी देश से शरण की आस में आए थे। कई अन्य रोहिणी सेक्टर नौ एवं ग्यारह, आदर्श नगर और सिग्नेचर ब्रीज के आसपास रह रहे हैं।

नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद दिल्ली के मजनू का टीला में पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थी बेहद खुश हैं और ये लोग बिल पास होने की खबर सुनते ही नाचने गाने लगे। उन्हें उम्मीद है कि लंबे संघर्ष के बाद उन्हें भारत की नागरिकता मिल जाएगी। हिंदू शरणार्थियों ने नाच-गाकर और ढोल बजाकर जश्न मनाया। पाक से आए ये हिंदू शरणार्थी इतने खुश हुए कि 7 साल से शरण लेकर भारत में रह रहे एक हिंदू शरणार्थी ने मंगलवार (दिसंबर 10, 2019) को जन्मी बेटी का नाम ही ‘नागरिकता’ रख दिया। बच्ची के पिता ने कहा- भारत की बेटी हुई है। पिता ने कहा कि उन्हें इस बिल से बहुत खुशी हो रही है, इसलिए उन्होंने अपनी बेटी का नाम नागरिकता रखा है।

पाकिस्तान से आए हिंदुओं में शामिल 42 वर्षीय सोना दास 2011 में सर्द रात में धार्मिक यात्रा के नाम पर 15 दिनों के वीजा पर कपड़े के झोले के साथ पाकिस्तान से आए थे और उन्हें नहीं पता था कि उनके और परिवार का भविष्य क्या होगा। आज इस बिल के पास होने से उनको उम्मीद है कि इस विधेयक से उनकी जिंदगी में स्थिरता आएगी।

हालाँकि कई राज्य में इस बिल के विरोध में प्रदर्शन भी हो रहे हैं। लेकिन इसी विरोध वाले माहौल के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो दिल को सुकून देने वाली है। दरअसल, पाकिस्तान से भागकर आए हिंदू शरणार्थी नागरिकता संसोधन बिल पास होने पर काफी खुश हैं। हिंदू शरणार्थी लोगों ने डांस करके बिल के पास होने की खुशी मनाई। यहां बच्चे भी इस रंग में रंगे नजर आए।

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन विधेयक में 31 दिसंबर 2014 तक भारत में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए गैर मुस्लिमों को नागरिकता देने का प्रावधान है। यह विधायक सोमवार को लोकसभा से पारित हो चुका है और आज विधेयक के संसद के दोनों सदनों से पारित होने पर इन देशों से आए गैर मुस्लिमों के लिए भारत की नागरिकता पाने के लिए केवल पांच साल तक ही देश में रहने की अर्हता होगी जबकि पहले यह मियाद 11 साल थी।

पाकिस्तान से आए हिंदुओं को उम्मीद है कि अब जल्द ही उन्हें भारत की नागरिकता मिल जाएगी और उनकी शरणार्थी पहचान खत्म हो जाएगी। इनमें से ज्यादातर शरणार्थियों का कहना है कि पाकिस्तान में अपना घर छोड़ने का फैसला इनके लिए आसान नहीं था। लेकिन उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं था।