ताज नगरी आगरा से वाराणसी तक बनेगा 800 किमी सेमी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर

ताज नगरी आगरा से वाराणसी तक बनेगा 800 किमी सेमी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर

देश के सबसे बड़े एक्सप्रेस वे के बाद अब उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा रेलवे कॉरिडोर बनाने की योगी सरकार की योजना है। उत्तर प्रदेश सरकार अब सेमी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर परियोजना को आगे बढ़ाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के समानांतर सेमी हाई-स्पीड रेलवे कॉरिडोर प्रोजेक्ट का प्रस्ताव केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल को भेजा है। उत्तर प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि जल्द ही इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा।

यह देश का ऐसा पहला रेल कॉरिडोर होगा जिसे सिर्फ हाई स्पीड ट्रेन को चलाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। माना जा रहा है कि 800 किमी लंबे इस रेल कॉरिडोर के बन जाने से आगरा से बलिया तक का सफर सिर्फ 3 तीन घंटे में पूरा किया जा सकेगा। रफ्तार के रोमांच का यह सेमी-हाईस्पीड रेल कॉरिडोर आगरा से काशी तक बनेगा, जिसका रूट आगरा से लखनऊ वाया गाजीपुर होते हुए बलिया तक जाएगा। इस कॉरिडोर में सिर्फ हाई स्पीड यात्री ट्रेन ही चलेंगी। यह रेल मंत्रालय का प्रोजेक्ट है। इसे यूपी सरकार के संयुक्त उपक्रम के तहत बनाया जाएगा। इस कॉरिडोर में मालवाहक ट्रेनें नहीं चलेंगी।

3 हजार करोड़ जमीन पर खर्च

रेल कॉरिडोर के निर्माण के साथ ही एक्सप्रेस वे पर पेट्रोल पंप, ढाबा, रेस्टोरेंट और ट्रामा की भी सुविधाएं भी होंगी। रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट के काम को आगे बढ़ाने के लिए इस प्रोजेक्ट में यूपीडा को भी शामिल किया जाएगा। इसके अलावा स्पेशल परपज व्हीकल कमीशन गठित करने का भी प्रस्ताव है। रेल कॉरिडोर के लिए तकरीबन 3 हजार करोड़ रुपये की जमीन का खर्च अनुमानित है।

सडक़ पर लोड होगा कम

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सीएम योगी का मानना है कि रेल कॉरिडोर बन जाने से सडक़ पर वाहनों का लोड कम होगा। रेल कॉरिडोर का रूट आगरा से लखनऊ वाया गाजीपुर होगा। लखनऊ से गाजीपुर तक पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य किया जाएगा, जिसका विस्तार बलिया तक होगा। इससे बिहार तक जाना आसान हो जाएगा।

चार एक्सप्रेस वे के निर्माण में भी तेजी

इसी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से बलिया तक बनने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे, डिफेंस कारीडोर और गंगा एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट्स में भी तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए चार नोडल अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। सभी एक्सप्रेस वे के काम को 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

डिफेंस कॉरिडोर से रोजगार को बढ़ावा

गौरतलब है कि 15 फरवरी, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने झांसी में बुंदेलखंड डिफेंस कॉरिडोर की नींव रखी थी। उन्होंने 21 फरवरी, 2018 को लखनऊ में यूपी इन्वेस्टर्स समिट (Investors Summit) का उद्घाटन करने के बाद कॉरिडोर की घोषणा की थी। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर अलीगढ़, आगरा, झांसी, कानपुर, लखनऊ और चित्रकूट में 6 नोड्स बनाएगा और अनुमानित 250,000 नौकरियां पैदा करेगा।