विदेश से आई मदद तो हर एक एक राज्य में मदद पहुंचाई मोदी सरकार ने

कोरोना महामारी से जंग लड़ रहे भारत के साथ आज समूचा विश्व खड़ा है। इतना ही नहीं भारत को हर तरह की मदद भी आज दुनिया के देशों से मिल रही है। हर दिन दिल्ली हवाई अड्डे पर कोई ना कोई देश की मेडिकल सामग्री उतरने की तस्वीर आ ही रही है। लेकिन अब इस मेडिकल सामान को लेकर भी कुछ लोग सियासत करते हुए पूछ रहे है कि ये सामान आखिर जा कहां रहा है, जिसका जवाब केंद्र सरकार ने देते हुए सियासत करने वालों की जुबान बंद कर दी।

31 राज्यो सहित केंद्र शासित प्रदेश को मिल चुका सामान

विदेश से जैसे जैसे सामान देश में पहुंच रहा है वैसे वैसे जरूरत के आधार पर केंद्र राज्यों को सामान पहुंचा रहा है जिसके चलते देश के 38 चिकित्सा संस्थानों में लगाये गये 1764 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर इसके साथ साथ राज्यों को 450 वेंटिलेट तो 1760 ऑक्सीजन सिलेंडर का वितरण किया है। रेमडेसिविर डोज को लेकर चल रही मारामारी के बीच राज्य ने देशभर के राज्यों को 1.35 लाख डोज मोहइया करवाई है यूपी के ग्रेटर नोएडा में तो इटली की तरफ से ऑक्सीजन प्लांट लगाया भी जा चुका है जो बहुत जल्द शुरू होने वाला है। वही 1.20 लाख फेविपिराविर की गोलियों को भी राज्य में दें दिया गया है। सबसे बड़ी बात ये है कि केंद्र सरकार ने इन सामानो को देने में किसी तरह का सौतेला व्यवाहार नही किया है। जिस राज्य ने जो जरूरत बताई उसे उन हिसाब से मेडिकल सामान दे दिया गया है।

विश्व के देशो को भी दिया पूरी जानकारी

इतना ही नही पहली बार देखा जा रहा है कि कोई सरकार मदद करने वाले राज्य को भी बता रही है कि उनका मेडिकल सामान कहां पर यूज किया जा रहा है। खुद अमेरिका के राष्ट्रपति भी ये बोल चुके है कि उन्हे पता है कि भारत में भेजे गये सामान का कहां इस्तेमाल किया जा रहा है हालांकि  ऐसी विपदा के वक्त कुछ लोग इस मुद्दे को उटाकर राज्य के बीच सियासी घमासान करना चाहते है जिससे केंद्र की छवि खराब हो सके।

जब से कोरोना आपदा देश में आई है तब से ही एक वर्ग देश का नाम बदनाम करने की साजिश रच रहा है ये वही लोग है जिन्हे मरने वालो की संख्या दिखती है पर बचने वालों का ऑकड़ा नहीं क्योकि ये वही खबर चलाना चाहते है जिससे देश में तनाव फैले और उनके हित को चाहने वाले सत्ता में काबिज हो सके लेकिन देश ऐसा होने नहीं देग ये भी तय है।