कभी सोचा है डिजिटल इंडिया नही होता, तो लॉकडाउन में हमारा क्या होता ?

सोचिये अगर इस कोरोना काल में लॉकडाउन के वक्त हम डिजिटल तकनीक से नही जुड़े होते, तो हमारा क्या होता ? सोचकर ही माथे से पशीना आ जाता है। जब हर तरफ ताला लटक रहा था उस वक्त इस एक तकनीक ने हमे न केवल एक दूसरे से जोड़ रखा बल्कि घर पर रहते हुए भी हम हर तरह का काम करते रहे और ये सब इसीलिये हो पाया क्योकि मोदी सरकार 2014 में आते ही डिजिटल इंडिया बनाने में जुट गई थी।

डिजिटल इंडिया बन गया है जीवन का एक तरीका

वैसे तो पीएम मोदी ‘बेंगलुरु टेक समिट में बोल रहे थे लेकिन उनके हर शब्द हर देशवासियों के लिये काफी अहम थे क्योकि जिस डिजिटल व्यवसस्था का जिक्र पीएम मोदी कर रहे थे अगर वो न होती तो आज हम दुनिया से काफी पीछे होते या यूं कह सकते है कि दुनिया से कई गुना पीछे होते। पीएम मोदी बोले हमने  पांच साल पहले डिजिटल इंडिया मिशन शुरू किया गया था। आज, मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि डिजिटल इंडिया को अब किसी भी नियमित सरकार की पहल के रूप में नहीं देखा जा रहा है। यह जीवन का एक तरीका बन गया है, विशेष रूप से गरीबों, हाशिए पर रहने वालों और सरकार में रहने वालों के लिए।’सच में आज सड़कों पर जिस तरह से डिजिटल पेमेंट का प्रयोग किया जा रहा है। उससे तो यही लगता है कि देश तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। तो लॉकडाउन के दौरान जिस तरह से गांव गांव इंटरनेट से जुड़ा है और उसका उपयोग देश के गांव में हो रहा है। जो नये भारत की ताकत बढ़ा रहा है।

लॉकडाउन में काम आई टेक्नोलॉजी

पीएम मोदी ने साफ कहा कि ‘वैश्विक लॉकडाउन और यात्रा प्रतिबंधों ने लोगों को उनके घरों के अंदर और उनके कार्य स्थलों से दूर कर दिया। ऐसे समय में हमारे तकनीकी क्षेत्र का लचीलापन देखा गया। हमारा तकनीकी क्षेत्र हरकत में आया और घर या कहीं से भी काम करने के लिए तकनीकी समाधानों का इस्तेमाल किया।’जिसका असर ये हुआ कि आज घर बैठकर लाखो लोग रोजगार कर रहे है।तो बच्चों की क्लास घर से ही चल रही है। इसी दौरान प्रौद्योगिकी रक्षा क्षेत्र के विकास की गति निर्धारित कर रही है। पहले किसके पास बेहतर हाथी और घोड़े हैं, इससे युद्ध निर्धारित होता था। अब, प्रौद्योगिकी वैश्विक संघर्षों में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सॉफ्टवेयर से लेकर ड्रोन और यूएवी तक, टेक्नोलॉजी रक्षा क्षेत्र को पुनर्परिभाषित कर रही है। जिससे नये भारत की तस्वीर उभरकर सबके सामने आ रही है।

कुछ दिन पहले हम सोचते थे कि घर बैठे कैसे काम होगा कैसे बच्चे स्कूल की बढ़ाई कर पायेगे लेकिन नये भारत में आज ये सब मुमकिन है क्योकि इस तरफ सत्ता में आते ही मोदी सरकार ने सोचना शुरूकर दिया था और इसी को तो दूरदर्शिता कहते है जो मोदी के कामकाज में खूब दिख रही है।

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