CAA विवादों के बीच पाकिस्तान से आई हसीना बेन को मिली भारत की नागरिकता

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द्वारका कलेक्टर डॉ नरेंद्र कुमार मीणा ने हसीना बेन को भारतीय नागरिकता का प्रमाणपत्र दिया।

देशभर में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। इस कानून को संविधान के खिलाफ बताकर विपक्षी पार्टियां इसका विरोध कर रही हैं। इनसब के बीच गुजरात से एक बड़ी खबर सामने आई हैं। यहां पाकिस्तान से आई एक मुस्लिम महिला को भारत की नागरिकता दी गई। मुस्लिम महिला को बिना किसी तामझाम के सिर्फ मेरिट और मानवता के आधार पर भारत की नागरिकता दी है। महिला का नाम हसीना बेन है। जिन्होंने एक साल पहले नागरिकता के लिए आवेदन किया था। जिसके बाद उन्हें नागरिकता मिल गई।

दरअसल हसीना बेन भारत की रहने वाली है। 1999 में उनका निकाह हुआ था, निकाह के बाद वह पाकिस्तान चली गई थीं। पति के मौत के बाद वह वापस भारत लौट आई। एक साल पहले उन्होंने भारत में नागरिकता के लिए आवेदन किया था। 18 दिसंबर 2019 को उन्हें नागरिकता का प्रमाणपत्र दिया गया।

गुजरात के द्वारका में हसीना ने भारतीय नागरिकता लेने के लिए कलेक्टर को चिट्ठी लिखी थी। द्वारका कलेक्टर डॉ नरेंद्र कुमार मीणा ने हसीना बेन को भारतीय नागरिकता का प्रमाणपत्र दिया। उन्होंने ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी है।

बता दें कि भारत सरकार के द्वारा हाल ही में नागरिकता संशोधन एक्ट लागू किया गया है, जिसकी वजह से देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी है। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि केंद्र सरकार का ये कानून देश में अल्पसंख्यकों के प्रति भय पैदा करता है। हालांकि, विपक्ष के किसी भी तरह के आरोप को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नकारा है। अमित शाह ने दावा किया है कि ये बिल किसी भी तरह से भारत में रह रहे नागरिकों को प्रभावित नहीं करता है और ना ही भारतीय मुसलमानों को इससे कोई नुकसान होने वाला है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अगर पड़ोसी देश से कोई मुस्लिम भारत में नागरिकता के लिए अप्लाई करता है तो नियम के अनुसार उसे भी नागरिकता मिल सकती है।

अमित शाह की अपील

नागरिकता संशोधन कानून पर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि ये कानून वापस नहीं लिया जाएगा और मोदी सरकार इन शरणार्थियों को नागरिकता देकर रहेगी। नागरिकता कानून का विरोध कर रहे छात्रों और युवाओं से अमित शाह ने अपील की है कि वह लोग कानून के बारे में पूरी जानकारी लें। अमित शाह ने कहा कि कानून के बारे में छात्रों की जानकारी सही नहीं है।

क्या है नागरिकता कानून

नागरिकता कानून की मदद से पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश सेधार्मिक उत्पीड़न के कारण वहां से भागकर आए हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी। नागरिकता संशोधन बिल के कानून बनने के बाद अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश के हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के वो लोग जिन्होंने 31 दिसंबर 2014 की निर्णायक तारीख तक भारत में प्रवेश कर लिया था। वे सभी भारत की नागरिकता के लिए आवेदन कर सकेंगे।

 


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