फ्री सॉफ्टवेयर से अब GST फाइल करना हुआ और आसान – 80 लाख व्यापारियों को सरकार का तोहफा

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मोदी सरकार द्वारा जुलाई 2017 में लागु किये गए नए GST क़ानून के बाद सभी व्यापारियों के लिए टैक्स फाइल करना अनिवार्य हो गया था| इस नयी टैक्स प्रणाली के बाद टैक्स में पारदर्शिता बढ़ गयी और टैक्स की चोरी करना करीब-करीब असंभव हो गया| इसके बाद से सरकार के खाते में आने वाली टैक्स की रकम कई गुना बढ़ गयी|

लेकिन वहीँ दूसरी तरफ छोटे और मध्यम श्रेणी व्यापारियों के लिए टैक्स फाइल करना एक मुसीबत सी हो गयी थी| उन्हें या तो किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट पर निर्भर रहना होता था या फिर व्यावसायिक GST फाइलिंग सॉफ्टवेयर खरीदना पड़ रहा था, जिस से उनकी जेब पर बिना वजह बोझ बढ़ रहा था|

ऐसे माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज जिनका सालाना कारोबार 1.5 करोड़ रुपये से कम है, के लिए सरकार ने मुफ्त GST फाइलिंग सॉफ्टवेयर उपलब्ध करवाया है| GSTN ने एक बयान में कहा, “यह सॉफ्टवेयर कंपनियों को बिल और उनके लेखा खातों का ब्योरा तैयार करने, भंडार के माल का प्रबंधन तथा जीएसटी रिटर्न तैयार करने में मदद करेगा|”कारोबारी अपने GST पोर्टल (https://services.gst.gov.in/services/login) में लॉग इन करने के बाद डाउनलोड सेक्शन में जाकर “एकाउंटिंग एंड बिलिंग सॉफ्टवेयर (Downloads > Accounting and Billing Software) आप्शन के अंतर्गत ये सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर सकते हैं|

इस फ्री सॉफ्टवेयर का फायदा करीब 80 लाख व्यापारियों को होगा| GST के सीईओ प्रकाश कुमार के अनुसार, “स पहल से एमएसएमई डिजिटल प्रणाली की ओर आगे बढ़ेंगे. इससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी और अनुपालन बोझ कम करने में मदद मिलेगी|”

उल्लेखनीय है की 2014 में बनी नरेन्द्र मोदी की सरकार डिजिटल इंडिया प्रोग्राम पर जोर दे रही है और हर प्रकार के कार्यों के निष्पादन के लिए ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर के उपयोग पर जोर दे रही है| इन सबका सकारात्मक असर सरकार और कारोबार की कार्यप्रणाली पर दिख रहा है| एक ओर जहाँ इस से कार्यों के निष्पादन में कम समय लग रहा है, वहीँ दूसरी तरफ इस से भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगाने में मदद मिल रही है|