नागरिकता कानून के समर्थन में दूल्हे ने छपवाया शादी का अनूठा कार्ड

मोदी सरकार द्वारा लाए गए नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देशभर में घमासान मचा हुआ है। नागरिकता संशोधन कानून 2019 (सीएए) और नेशनल रजिस्टर्स फॉर सिटिजन (एनआरसी) का देश के कुछ हिस्सों में विरोध जारी है, वहीं कई लोगों ने विदेशी शरणार्थियों को नागरिकता की व्यवस्था करने वाले इस कानून को समर्थन भी दिया है।

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में ऐसे ही एक सीएए समर्थक ने अपनी शादी के कार्ड पर आई सपोर्ट सीएए लिखवाकर अनोखे तरीके से अपना समर्थन जताया है। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के रहने वाले प्रभात की 18 जनवरी (शनिवार) को शादी है। प्रभात केंद्र सरकार के नागरिकता संशोधन ऐक्ट के समर्थक हैं। उन्होंने अपना समर्थन जताने के लिए अपनी शादी के कार्ड पर आई सपोर्ट सीएए छपवा दिया। जब इस बारे में उनसे पूछा गया तो प्रभात ने कहा कि ‘मैं सीएए के बारे में जागरूकता फैलाना चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि लोग कानून के बारे में तथ्यों को समझें।’

हालांकि यह पहला अवसर नहीं है जब इस अनोखे तरह से सीएए का समर्थन किया गया। इससे पहले उत्तर प्रदेश के संभल जिले एक अन्य जोड़े ने कुछ इसी तरह से नागरिकता कानून और एनआरसी का समर्थन किया था। मोहित मिश्रा और सोनम पाठक की शादी 3 फरवरी को होनी है। उन्होंने अपनी शादी के निमंत्रण कार्ड पर बड़े-बड़े अक्षरों में हिंदी में लिखवाया है “हम सीएए और एनआरसी का समर्थन करते हैं”। कपल के परिवार का मानना है कि उन्हें अपने विचारों की अभिव्यक्ति का अधिकार है। इसलिए उन्होंने अपने विचारों को अन्य लोगों तक पहुँचाने के लिए यह तरीका अपनाया है।

RSS पदाधिकारी और पर्वतारोही विपिन चौधरी ने CAA के समर्थन में सबसे ऊँचे पर्वत एकोनकागुआ पर फहराया बैनर (फोटो साभार: The print)

इसी तरह से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पदाधिकारी और पर्वतारोही विपिन चौधरी ने नागरिकता संशोधन कानून को अपना समर्थन देने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है। उन्होंने नागरिक संशोधन कानून के समर्थन में दक्षिण अमेरिका स्थित सबसे ऊँचे पर्वत एकोनकागुआ पर CAA समर्थन का बैनर फहराया है।

गौरतलब है कि सीएए और एनआरसी को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस ऐक्ट का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे लोग अलग-अलग तरीकों से कानून के प्रति अपना समर्थन जाहिर कर रहे हैं।

नागरिकता संशोधन कानून के समर्थक तरह तरह के अनूठे तरीकों से अपना समर्थन जाहिर कर रहे है। बीते दिनों गुजरात में उत्तरायण पर्व के दौरान पतंगबाजी के जरिए भी बहुत से लोगों ने ऐक्ट को लेकर अपना समर्थन जाहिर किया। इस दौरान लोगों ने सीएए के समर्थन के छपे संदेश वाली पतंगे उड़ाईं।

नागरिकता संशोधन कानून द्वारा धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का है प्रावधान

दोनों सदनों में पारित होने तथा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के उपरांत Citizenship Amendment Act (CAA), नागरिकता सुधार अधिनियम 12 दिसम्बर 2019 से लागू हुआ। नागरिकता कानून की मदद से पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश सेधार्मिक उत्पीड़न के कारण वहां से भागकर आए हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी। नागरिकता संशोधन बिल के कानून बनने के बाद अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश के हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के वो लोग जिन्होंने 31 दिसंबर 2014 की निर्णायक तारीख तक भारत में प्रवेश कर लिया था। वे सभी भारत की नागरिकता के लिए आवेदन कर सकेंगे।