पीएम मोदी ने ईद-अल-अधा पर देश को शुभकामनाएं देते हुए कहा ‘मुझे आशा है कि यह शांति की भावना को पंख लगाएगा’

Eid-ul-adha Mubarak

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के नागरिकों को ईद अल-अधा, जिसे बकरी ईद के नाम से भी जाना जाता है, के लिए शुभकामनाएं दीं। ईद अल-अधा पर लोगों को बधाई देते हुए, पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि त्योहार समाज में शांति और खुशी की भावना को आगे बढ़ाएंगे।

प्रधानमंत्री ने ट्वीट करते हुए कहा की “ईद अल-अधा के अवसर पर मेरी शुभकामनाएं। मुझे उम्मीद है कि यह हमारे समाज में शांति और खुशी की भावना को पंख लगाएगा। ईद मुबारक!” ।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भी इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं।

राष्ट्रपति कोविंद ने लिखा ” ईद-उल-जुहा प्यार, भाईचारे और मानवता की सेवा का प्रतीक है। आइए हम इन सार्वभौमिक मूल्यों के लिए खुद को प्रतिबद्ध करें जो हमारी समग्र संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं।”

बता दे की ईद अल-अधा, जिसे बलिदान का त्योहार भी कहा जाता है, देश भर में आज मनाया जा रहा है। लोगों ने दिल्ली की जामा मस्जिद में सुबह-सुबह नमाज अदा की. दिल्लीद, मुंबई और पटना के अलावा देश के अलग-अलग हिस्सोंल में ईद-उल-अज़हा की नमाज अदा की गई है. बकरा ईद या बकरीद को एक जानवर की बलि देकर चिह्नित किया जाता है । बलिदान के बाद दोस्तों, पड़ोसियों और विशेष रूप से गरीबों और जरूरतमंदों में वितरित करते हैं।

लोग बलिदान करने के लिए एक दिन पहले बकरियां या भेड़ें खरीदते हैं, और इस दिन इब्राहिम (अब्राहम) की याद में अल्लाह के आदेश का पालन करने के लिए बलिदान किया जाता है।

भारत और दुनिया भर में ईद अल-अधा मनाया जा रहा है, और साथ ही जम्मू और कश्मीर में त्योहारों को समान उत्साह के साथ मनाने के लिए प्रतिबंधों में ढील दी गई है। गौरतलब है की जम्मू और कश्मीर में 5 अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह द्वारा अनुच्छेद 370 के तहत राज्य को दिए गए विशेष दर्जे को रद्द करने और दो नए केंद्र शासित प्रदेशों – जम्मू और कश्मीर, और लद्दाख के निर्माण पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा के बाद राज्य में प्रतिबंध लगाए गए थे।

कश्मीर घाटी में लोगों को ईद-अल-अधा के दौरान मस्जिदों में नमाज अदा करने की अनुमति है। मोबाइल और लैंडलाइन फोन पर प्रतिबंध भी हटा लिया जाएगा।