ग्रेजुएशन हुआ नहीं और मिल गई 52 लाख की नौकरी 

अगर पूरी ईमानदारी से काम किया जाये तो सफलता जरूर मिलती है। जिसका उदाहरण बना आईआईटी पटना। कोरोना काल में आईआईटी पटना ने कैंपस प्लेसमेंट के पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए है। अब तक 109 कंपनियां सेलेक्शन प्रॉसेस पूरा कर चुकी हैं। पिछले साल के मुकाबले इस बार 45 ज्यादा कंपनियों ने पटना आईआईटी का रूख किया

जबर्दस्त प्लेसमेंट मिला छात्रों को

आईआईटी पटना में इसबार छात्रों को जबर्दस्त प्लेसमेंट मिला है। कोरोना महामारी के बीच भी बीटेक फाइनल ईयर के छात्रों ने अधिकतम पैकेज का नया रिकॉर्ड भी बनाया। संस्थान में मई के अंत तक प्लेसमेंट की प्रक्रिया चलती रहेगी। पटना आईआईटी में अब तक कुल 109 कंपनियां कैंपस प्लेसमेंट प्रक्रिया में भाग ले चुकी हैं। जो अपने आप में नया रिकॉर्ड है। इस बार संस्थान में कैंपस चयन के लिए 45 से अधिक नई कंपनियां आई है। पिछले साल कुल 105 कंपनियों ने ही चयन प्रक्रिया में भाग लिया था।

52.50 लाख रूपये तक मिला पैकेज

अब तक के आंकड़ों के मुताबिक संस्थान के अंतिम वर्ष के एक छात्र को अधिकतम 52.50 लाख रुपए का सालाना पैकेज एमटीएक्स ग्रुप ने दिया है। जबकि दूसरा सबसे अधिक पैकेज 47 लाख है, जिसे डीई शॉ कंपनी ने ऑफर किया है। तीसरा 43.50 लाख सालाना पैकेज माइक्रोसॉफ्ट के तरफ से आया है। 10 कंपनियों ने सलाना 30 लाख के पैकेज पर छात्रों का चयन किया है।

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कंप्यूटर साइंस में 98 फीसदी प्लेसमेंट

सबसे ज्यादा चयन आईटी सेक्टर में हुआ है। जबकि फाइनेंस, कोर, एनालिटिक्स और कंसल्टिंग के लिए भी काफी संख्या में छात्र चयनित हुए हैं। आईआईटी पटना की तरफ से मीडिया को बताया गया कि अभी चयन प्रक्रिया जारी है। बीटेक के कुल 121 छात्रों को 146 जॉब ऑफर हो चुके हैं। बीटेक के कुल छात्रों का चयन प्रतिशत 68.30 रहा, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इनमें कंप्यूटर साइंस के लगभग 98 प्रतिशत छात्रों का प्लेसमेंट हो चुका है।

सबसे बड़े बात ये है कि अभी इन छात्रो का स्नातक का कोर्स पूरा खत्म नहीं हुआ है तब कंपनियां इन पर लट्टू है लेकिन दूसरी तरफ ये छात्र तारीफ के भी हकदार है क्योकि कोरोना काल कि दिक्कत के बाद भी इन लोगो ने अपनी पढ़ाई को रुकने नहीं दिया और आज ये मुकाम हासिल किया। जो दूसरो के लिए एक मिसाल बन गई है कि कठिनाई कितनी भी क्यो न आये लेकिन निरंतर अपने संकल्प को पाने के लिए काम करते रहना चाहिये।