मोदी सरकार 20 अप्रैल के बाद बढ़ाएगी टेस्टिंग की रफ़्तार

कोरोना वायरस की वजह से पूरे देश में 3 मई तक लॉकडाउन लगाया है। हालांकि, 20 अप्रैल के बाद से कई जगहों पर कई तरह की छूट दिए जाने की तैयारी चल रही है। मौजूदा समय में रोजाना 21 हजार से 30 हजार सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं। सरकार की योजना है कि इसे अप्रैल के अंत तक बढ़ाकर रोजाना 80 हजार किया जाए। ऐसा होने के बाद रेड हॉटस्पॉट जोन, येलो पोटैंशियल हॉटस्पॉट जोन और ग्रीन जोन का निर्धारण करने में मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी यही बताया है कि जोन को टेस्टिंग के आधार पर ही तय किया जाएगा। बुधवार को गृह मंत्रालय की तरफ से गाइडलाइन्स जारी होने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने यूपी, बंगाल, ओडिशा, पंजाब, हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों से टेस्टिंग सैंपल की संख्या बढ़ाने को कहा है। केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि अधिक से अधिक टेस्टिंग का मतलब है कि आप समस्या की गंभीरता को समझ रहे हैं और हॉटस्पॉट तय कर रहे हैं।

रोजाना 78 हजार टेस्टिंग की क्षमता

हाल ही में राहुल गांधी के हमले पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और आईसीएमआर ने जवाब दिया था। सरकार ने कहा था कि अब तक 2,90,401 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं, जिनमें से 30,043 तो सिर्फ बुधवार को हुए। आईसीएमआर के महामारी विभाग के प्रमुख रमन आर गंगाखेड़कर ने कहा- अगर हम एक शिफ्ट में काम करते हैं तो रोज 42,418 सैंपल टेस्ट किए जा सकते हैं, जबकि दो शिफ्ट में 78 हजार तक टेस्ट रोज हो सकते हैं। हमारे पास 6 हफ्तों के लिए पर्याप्त किट भी हैं और क्षमता भी और कुछ नई किट भी आ रही हैं।

भारत की कोशशें बेहतर

बुधवार को एक कैबिनेट मीटिंग हुई थी, जिसमें पीएम मोदी ने स्वास्थ्य मंत्रालय के कुछ आंकड़े साझा किए थे, जो दिखाते हैं कि भारत के कोविड-19 से लड़ने के उपाय बाकी विकासशील देशों से कहीं बेहतर हैं। जहां भारत ने 10 हजार मामले पहुंचने तक 2,17,000 लोगों की टेस्टिंग कर ली है, वहीं अमेरिका और ब्रिटेन ने 1,39,000 और 1,13,000 टेस्ट ही किए थे। इटली ने सिर्फ 73 हजार टेस्ट किए थे, जब वह 10,000 तक पहुंचे थे।