सरकार ने निकला शहर मे फसे मजदूरों की परेशानी का उपाय

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सरकार ने लॉकडाउन बढ़ाए जाने के बाद नई गाइडलाइन जारी की है | इसमे लॉकडाउन को लेकर सारे नियमों का विस्तार से उल्लेख किया गया है | इसमे एक चीज़ जिसपर खासा जोर दिया गया है वो है शहरों मे फसे मजदूर | सरकार ने इस बात का ख्याल रखा है कि ये मजदूर जो परेशानियों का सामना कर रहे हैं उस से उन्हें निजात दिला सकें | 

मजदूरों की जरूरतों का रखा ख्याल 

गौरतलब है कि कई जगह शहरों मे फसे मजदूरों ने लॉकडाउन मे भी विरोध प्रदर्शन किया | इसके साथ साथ कई स्थानों पर इनके पुलिस के साथ झड़प होने की भी ख़बरें आई | ये सरकार से मांग कर रहे थे कि इनकी जरूरतों का भी ख्याल रखा जाये |

अतः नये गाइडलाइन मे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को चालू रखने के सभी उपाय किए गए हैं | साथ ही, शहरों में फंसे मजदूरों के लिए भी राहत दी गई है | 20 अप्रैल के बाद शहरों के भीतर निर्माण कार्य को छूट मिलेगी | क्योंकि कंस्ट्रक्शन के काम के लिए शहर में मौजूद मजदूरों को ही रोज़गार दिया जाएगा | बाहर से मजदूर नहीं लाए जाएंगे | इस पहल से महानगरों में फंसे मजदूरों को बहुत फायदा होगा क्योंकि पलायन की जरुरत नहीं पड़ेगी |

उत्तर प्रदेश मे कंस्ट्रक्शन का काम भी होगा शुरू 

आपको बता दें कि कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच उत्तर प्रदेश के लोगों को एक और रियायत दी गई है. 15 अप्रैल से कंस्ट्रक्शन का काम शुरू हो गया है | उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने मंत्रियों की कमेटी और अधिकारियों के साथ बैठक की | इस दौरान तय किया गया कि कंस्ट्रक्शन साइट शुरू की जाएंगी | फिलहाल, इन साइट पर 40 फीसदी मजदूर मौजूद हैं |

खेतों मे भी कर सकते हैं काम

खेती से जुड़े मज़दूरों को भी मिली छूट-खेती संबंधी किसी काम पर सरकार ने रोक नहीं लगाई है | मजदूर खेतों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए काम कर सकते हैं. मनरेगा के तहत काम जारी रहेगा | साथ ही शर्तों के साथ निर्माण कार्यों को भी अनुमति प्रदान की जाएगी | 

सरकार ने बढाई मनरेगा राशि 

इसके अलावा सरकार ने मजदूरों की मनरेगा राशि को भी बढ़ाने का फैसला लिया है | पहले जहाँ एक मजदूर को एक दिन के 182 रूपये मिलते थे वहीं अब एक दिन के 202 रूपये दिए जायेंगे | सरकार के ये सारे फैसले किसान व मजदूरों को किसी भी तरह की समस्या न हो, इसके लिये किये गये हैं |

 


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