सरकार द्वारा बैंकों के विलय का निर्णय – क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने की सराहना

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत के 10 सरकारी बैंको के विलय की कल घोषणा की|

Bank Merger

ये कदम भारत में बैंकिंग व्यवस्था और अर्थव्यवस्था में सुधार के मद्देनज़र लिया गया| इस कदम की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने सराहना की है|

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज के मुताबिक सरकार के इस कदम से भारत की बैंकिंग स्थिति में व्यापक सुधार होगा| बैंकों को अभी निजी क्षेत्र के बैंक से काफी प्रतिस्पर्धा मिल रही है जो तकनीकी रूप से और ग्राहकों के जरूरतों को पूरा करने में संगठनात्मक रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के मुकाबले ज्यादा सुदृढ़ हैं| ऐसे में विलय के बाद बाकी बचे बैंकों की स्थिति में सुधार करना और उनके गवर्नेंस में आसानी होगी|

मूडीज ने कहा कि सभी वर्तमान में सभी छोटे सरकारी बैंकों की लेंडिंग कैपेसिटी कमजोर है, लेकिन अपेक्षाकृत बड़े बैंकों में विलय के बाद उनका संचालन अर्थपूर्ण होगा और निजी क्षेत्र के बैंकों से उनकी प्रतिस्पर्धी स्थिति मंक मदद मिलेगी|

सरकारी बैंकों के विलय के बारे में बात करते हुए मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस के फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन ग्रुप के उपाध्यक्ष, श्रीकांत वादलमणि ने बताया कि इससे बैकों को टेक्नोलॉजी में निवेश करने में भी मदद मिलेगी, जहां वे निजी सेक्टर के बैंकों की तुलना में काफी कमजोर हैं|

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को 10 सरकारी बैंकों का आपस में विलय करके चार बैंक करने की घोषणा वित्त मंत्री द्वारा की गयी थी| 6 छोटे बैंकों का 4 बड़े बैंकों में विलय कर दिया गया था जिसके बाद अब देश में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या 18 से घटकर 12 हो गई| इससे पहले ही सरकार द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा में विजया बैंक और देना बैंक के विलय का ऐलान किया गया था और स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में उसके अन्य सहायक बैंकों का विलय तो बहुत पहले ही हो चूका था|

 


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