सरकार गई, रुतबा गया, अब लगता है अपने विधायक भी खो देगी कांग्रेस

Lok Sabha Election

लोकसभा चुनाव हो गए, नतीजें आ गए और बीते गुरुवार यानि की 30 मई 2019 को नयी सरकार का गठन भी हो गया| नयी सरकार में प्रधानमंत्री तो हमारे चहेते नरेन्द्र मोदी ही हैं पर उनके कैबिनेट के मंत्रियों में कुछ बदलाव किये गए है|

खैर आज मुद्दे की बात ये नहीं है| गौरतलब बात ये है कि मोदी की प्रचंड जीत का असर वैसे तो बहुत जगह देखने को मिला पर सबसे ज्यादा ये मुसीबत बन गया कांग्रेस, एनसीपी व् अन्य पार्टियों के लिए| अपनी नेताओं के बीजेपी से बढ़ते संपर्क को लेकर ऐसी पार्टियों के अध्यक्ष दुविधा में पड़ गए है|

सूत्रों की माने तो राजस्थान और मध्य प्रदेश में किले दरकने के संदेहास्पद ख़बरों के बीच अब महाराष्ट्र में कांग्रेस को पार्टी में टूट का डर सताने लगा है। महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के गठबंधन वाली सरकार को अपने नेताओं के पार्टी छोड़ने का डर और उससे भी ज्यादा बीजेपी और शिवसेना में जाकर जुड़ जाने की आशंका से जूझना पड़ रहा है| हाल में ही मुंबई में हुए कांग्रेस और एनसीपी की बैठक में लोकसभा चुनाव में ख़राब प्रदर्शन के साथ नेताओं के बागी होने की आशंका पर भी चर्चा हुई|

Rahul Gandhi-Sharad Pawar meeting

इकनोमिक टाइम्स नाम की पत्रिका में प्रकाशित खबरों के अनुसार कांग्रेस और एनसीपी के लगभग एक दर्जन नेता महाराष्ट्र में बीजेपी नेतृत्व के संपर्क में हैं और पार्टी में आने के लिए जुगत लगा रहे हैं| अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि इनमें से कम से कम आठ नेता कांग्रेस के हैं, जबकि बाकी नेता एनसीपी के हैं| बीजेपी नेताओं की बात करे तो उनका मानना है की बीजेपी को लोकसभा में मिली बहुमत की वजह से इन दो दलों के नेता और विधायक बीजेपी में आने की कोशिश कर रहे है|

कांग्रेसी नेताओं की बीजेपी में बढती रूचि

पत्रकारों से बातचीत में बीजेपी के एक नेता ने कुछ बातों का खुलासा किया पर शर्त रखी कि उनका नाम सामने नहीं आना चाहिए| उनका कहना है कि मुंबई से कांग्रेस के एक वरिष्ठ दलित नेता, उत्तर भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले एक कांग्रेस नेता, और पूर्व विधायक और पुणे से संबंध रखने वाले महाराष्ट्र सरकार में कांग्रेस के एक पूर्व मंत्री, बीजेपी में आने के लिए बातचीत कर रहे हैं।

वहीँ बीजेपी के ही दुसरे नेता ने कहा कि, “मुंबई से कांग्रेस के दलित नेता हमारी पार्टी में आने के लिए अंतिम दौर की बातचीत कर रहे हैं। पुणे जिले से चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हमारे संपर्क में हैं, क्योंकि उनकी सीट पर कांग्रेस के सहयोगी दल ने दावा किया है| इस वजह से वह हमारी सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं।”

कब शामिल होंगे ये नेता बीजेपी में

बीजेपी के नेता ये भी दावा कर रहे की कांग्रेस और एनसीपी के कुछ नेता जून के शुरूआती सप्ताह में बीजेपी में शामिल होंगे और बाकी के नेता विधानसभा के मानसून सत्र के बाद आ सकते है| बीजेपी के नेता का ये भी कहना था की इन दो गठबंधन की पार्टियों के अलावा मराठा समुदाय का नेतृत्व करने वाली दूसरी पीढ़ी भी बीजेपी के संपर्क में है|

बुधवार को कांग्रेस के पूर्व नेता और एजुकेशन इंडस्ट्री का बड़ा नाम पतंगराव कदम के बेटे विश्वजीत के भी बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगी थी। हालांकि, विश्वजीत ने बाद में दावा किया कि वह पार्टी को छोड़कर बीजेपी में नहीं जा रहे।

ऐसे ख़बरों का आना और नेताओं का अपनी पार्टी को छोड़ कर बीजेपी में शामिल होना, ये सब तो अब लगा ही रहेगा| आपको बता दें कि इस समय पुरे भारत में बीजेपी ही सबसे ज्यादा सदस्यों वालीं एक बहुत बड़ी पार्टी है और अब तो बहुमत भी इसी के पाले में है| ऐसे में कोई भी नेता एक बड़ी पार्टी का हिस्सा बनने की कवायद करेगा क्योंकि भाई फायदा तो इसमें उसी का है|