‘मन की बात’ कार्यक्रम से भर रहा सरकारी खजाना

पीएम मोदी का देशवासियों से सीधा संपर्क रहता है फिर वो ट्वीट के जरिये हो या फिर मन की बात के जरिए। साल 2014 में सत्ता में आने के बाद पीएम मोदी महीने में एक बार देश की जनता से मन की बात करते है। जिसमें वो सीधे जनता के साथ रूबरू होते है लेकिन कुछ लोग इसे पैसे की बर्बादी और मोदी जी का अपना प्रचार बताते है। ऐसे लोगों के लिये RTI में खुलासा हुआ है कि मन की बात सिर्फ जनता तक पीएम मोदी अपनी बात रखते है बल्कि इस कार्यक्रम के जरिये भारत सरकार का खजाना भी भर रहा है।

तीन गुना हुई आमदनी

‘मन की बात’ कार्यक्रम देश की जनता कितना पंसद करती है इस बात को इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इससे प्रसार भारती की आमदनी तीन गुना बढ़ गई है। RTI के जरिये जो आंकड़ा सामने आया है उसके अनुसार इस कार्यक्रम की जानकारी देने के लिए जो विज्ञापन पर खर्च हुआ उससे तीन गुना से भी ज्यादा आय हुई है। आमदनी का जो आंकड़ा सामने आया है, उसके अनुसार 2014-15 में 1.16 करोड़ रुपये, 2015-16 में 2.81 करोड़ रुपये, 2016-17 में 5.12 करोड़ रुपये,2017-18 में 10.58 करोड़ रुपये, 2018-19 में 7.47 करोड़ रुपये, 2019-20 में 2.56 करोड़ रुपये और 2020 में अब तक 58 लाख रुपये रेवेन्‍यू के रूप में आए हैं। कुल मिलाकर ये आंकड़ा 30 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का है। अब ‘मन की बात’ कार्यक्रम को रेडियो, टेलीविजन, ऑनलाइन और अन्य तरीके से विज्ञापन पर जो खर्च आया, उसका आंकड़ा भी RTI के जरिए सामने आया है। RTI के जवाब में बताया गया कि प्रिंट मीडिया में 2014 से 2020 तक 7,29,88,765 रुपये का खर्च आया है जबकि अभी तक TV या अन्य साधनों द्वारा विज्ञापन पर एक पैसा खर्च नहीं हुआ है।

करोड़ो की संख्या में ‘मन की बात’ कार्यक्रम के श्रोता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय ‘मन की बात’ कार्यक्रम के श्रोता भी करोड़ों में है। इसमें पीएम मोदी देश की जनता से सुझाव भी मांगते हैं। कई सुझावों का जिक्र पीएम मोदी अपने कार्यक्रमों में करते रहे हैं। अब तो यह कार्यक्रम सरकार का खजाना भी भर रहा है। वैसे भी पीएम मोदी ने अपनी आमदनी का बड़ा हिस्सा देश के विकास कार्यो में दान ही किया है। अब इस कार्यक्रम से हो रही आमदनी का भी इस्तेमाल देश के विकास में ही होगा। आपको ये भी बता दें की इस कार्यक्रम की लोकप्रियता को देखते हुए खुद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी इस कार्यक्रम में भागीदार बने थे जब वो भारत अपनी यात्रा में आये थे। इससे पता चलता है कि देश ही नही विदेश में भी ये शो कितना हिट है।

देश का बच्चा हो या फिर बुजुर्ग सभी इस कार्यक्रम को बड़े गौर से सुनते है और सबसे बड़ी बात ये है कि मोदी जी इस कार्यक्रम में जनता के आये सुझाव पर ही बात करते है कुछ अपनी बात रखते है जिसे सुनकर लगता तो यही है जैसे पीएम मोदी खुद घर में बैठकर घर के अभिभावक की तरह समझा रहे हो।

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