बड़ी खबर : अब एक देश, एक परीक्षा कराने की तैयारी में सरकार

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Government preparing for One Country , One Exam

केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ग्रुप बी और सी की नौकरियों के लिए विशेषज्ञ एजेंसी द्वारा सिर्फ एक परीक्षा- सामान्य पात्रता परीक्षा (सेट) का आयोजन करने का प्रस्ताव रखा है। इस समय संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के लिए अधिकारियों का चयन करता है। इसके अलावा यह ग्रुप ए और ग्रुप बी (राजपत्रित) के लिए भी अधिकारियों का चयन करता है।

कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) सरकारी विभागों के लिए मुख्यत: ग्रुप बी कर्मचारियों का चयन करता है। अब कार्मिक विभाग ने सरकारी नौकरियों के लिए सामान्य पात्रता परीक्षा के जरिये किसी विशेषज्ञ एजेंसी द्वारा ग्रुप बी (अराजपत्रित), कुछ ग्रुप बी (राजपत्रित) और ग्रुप सी पदों पर भर्ती का प्रस्ताव रखा है। केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि इससे सभी प्रतिभागियों को समान अवसर मिलेगा। इसके अलावा इससे अभ्यर्थियों और परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी के पैसे की भी बचत होगी।

अगर ये प्रस्ताव पास हो गया तो SSC , RRB , IBPS जैसी परीक्षा कराने वाली संस्थाएं खत्म हो जाएंगी और एक नई संस्था ही ग्रुप बी और सी पदों के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करेगी।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह प्रधानमंत्री के निर्देश पर सरकार द्वारा उठाए जा रहे कई नए कदमों में एक होगा। कार्मिक मंत्रालय ने इस सिलसिले में केंद्र सरकार के मंत्रालयों, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और अन्य संबंधित पक्षों से एक महीने में जवाब मांगा है।

सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, एक मार्च, 2018 तक केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 6,83,823 पद खाली थे। इनमें 5,74,289 पद ग्रुप सी, 89,638 पद ग्रुप बी और 19,896 पद ग्रुप ए के हैं।

इस समय सरकारी नौकरियों के लिए अभ्यर्थियों को विभिन्न परीक्षाओं में बैठना पड़ता है। इन परीक्षाओं का संचालन अलग-अलग एजेंसियां करती हैं। इनकी पात्रता के लिए ही समान मानदंड का प्रस्ताव किया गया है। हर साल करीब 1.25 लाख रिक्तियों के लिए लगभग 2.5 करोड़ छात्र विभिन्न परीक्षाओं में बैठते हैं।

केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, सामान्य पात्रता परीक्षा से सभी प्रतिभागियों को समान अवसर मिलेगा, कार्मिक विभाग ने केंद्र के मंत्रालयों और राज्य सरकारों से इसपर जवाब मांगा है और इसके फायदा के बारें में उनको बताया है:

 कार्मिक विभाग ने कहा कि देशभर में एक परीक्षा से छात्रों की मुश्किलें कम होंगी।
 किसी विशेषज्ञ एजेंसी द्वारा कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन परीक्षा ली जाएगी।
 अभ्यर्थियों को बहुत सारी परीक्षाओं के लिए फीस नहीं भरनी होगी।
 हर जिले में कम-से-कम एक परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।
 छात्र अपनी मर्जी से परीक्षा केंद्र चुन पाएंगे। उनका यात्र व्यय कम होगा।
 चयन प्रक्रिया में कम समय लगेगा। पोर्टल के जरिये कॉमन रजिस्ट्रेशन होगा।

 


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