भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देती नए भारत की सरकार

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भारत की संस्कृति बहुआयामी है जिसमें भारत का महान इतिहास, विलक्षण भूगोल और सिन्धु घाटी की सभ्यता के दौरान बनी और आगे चलकर फली-फूली अपनी खुद की प्राचीन विरासत शामिल हैं। इसके साथ ही पड़ोसी देशों के रिवाज़, परम्पराओं और विचारों का भी इसमें समावेश है। पिछली पाँच सहस्राब्दियों से अधिक समय से भारत के रीति-रिवाज़, भाषाएँ, प्रथाएँ और परंपराएँ इसके एक-दूसरे से परस्पर संबंधों में महान विविधताओं का एक अद्वितीय उदाहरण देती हैं। भारत कई धार्मिक प्रणालियों, जैसे कि हिन्दू धर्म, जैन धर्म, बौद्ध धर्म और सिख धर्म जैसे धर्मों का जनक है।

भारत की इसी महान परम्पराओं और संस्कृति को बढाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को आम बजट पेश करते हुए देश में पर्यटन को बढ़ावा देने की कई घोषणा की है। देश के महत्वपूर्ण टूरिज्म स्पॉट को तेजस एक्सप्रेस ट्रेन से जोड़ने के साथ ही निर्मला ने शुरुआत में पांच पुरातात्विक महत्व के स्पॉट को विकसित करने की योजना बनाई है।

आम बजट में संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने बड़ी घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कारोबारी वर्ष 2020-21 में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बजट में 2500 करोड़ रुपये के खर्च का प्रावधान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा कि सरकार पांच पुरातात्विक स्थलों का कायाकल्प करेगी। ये पुरातात्विक स्थान होंगे राखीगढ़ी (हरियाणा), हस्तिनापुर (यूपी), शिवसागर (असम), धोलावीरा(गुजरात) और आदि चेल्लनूर (तमिलनाडु)।

इन सभी जगहों पर म्यूजियम बनेंगे, जिससे यहां टूरिज़्म को बढ़ावा मिलेगा। बजट में कहा गया है कि इन सभी जगहों का भारत के इतिहास, संस्कृति और सभ्यता से नाता रहा है, केंद्र सरकार संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक डीम्ड यूनिवर्सिटी भी खोलेगी।

लोथल में भी म्यूजियम

वित्त मंत्री ने हड़प्पा सभ्यता के समय विकसित शहर रहे लोथल में भी मैरीटाइम म्यूजियम बनाने की घोषणा की। लोथल का जिक्र हड़प्पा सभ्यता में एक अहम पोर्ट के रूप में है। यह जगह गुजरात में स्थित है। बता दें कि लोथल को दुनिया के पहले बंदरगाह के तौर पर देखा जाता है, जो लगभग ढाई हजार साल पहले अस्तित्व में आया था।

केन्द्रीय वित्तमंत्री ने निम्नलिखित प्रस्तााव किये हैं :-

• निम्नलिखित 5 पुरातत्व स्थलों को स्थानिक संग्रहालय वाले प्रतिमान स्थलों के रूप में स्थापित/विकसित किया जायेगा :-
राखीगढ़ी (हरियाणा)
हस्तिनापुर (उत्त(र प्रदेश)
शिवसागर (असम)
धौलाविरा (गुजरात)
आदिचनल्लूरर (‍तमिलनाडु)
• पोत परिवहन मंत्रालय द्वारा लोथल, अहमदाबाद में हड़प्पा युग पर प्रकाश डालने के लिए एक पोत संग्रहालय स्था्पित किया जायेगा।
• कोलकाता/ भारतीय संग्रहालय: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनवरी, 2020 में कोलकता में की गई घोषणा के अनुसार भारतीय संग्रहालय का पुररुद्धार।
• ऐतिहासिक पुराने टकसाल भवन में मुद्रा-विषयक और व्या्पार पर एक संग्रहालय स्था्पित किया जायेगा।
• रांची (झारखंड) में जनजातीय संग्रहालय की स्थाापना में मदद।
• पूरे देश में 4 और संग्रहालयों का नवीकरण और री-क्यू‍रेशन किया जाएगा।

इसके साथ ही मोदी सरकार ने अपनी दूसरी पारी के दूसरे बजट में संस्कृति मंत्रालय के लिए 3,150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

आइयें जानते है इन पुरातात्विक स्थलों के बारे में :

राखीगढ़ी

राखीगढ़ी हरियाणा के हिसार जिले में स्थित है। दिल्ली से राखीगढ़ी की दूरी करीब 150 किलोमीटर है। यह एक ऐसा पुरातात्विक स्थल है जहां सिंधु घाटी की पूर्व सभ्यता के साक्ष्य मिले हैं। यहां 4,500 साल पुराने कंकाल के “पेट्रस बोन” के अवशेष मिले हैं। इसकी वजह से राखीगढ़ी ने पूरे दुनिया के पुरातत्वविदों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है।

हस्तिनापुर

हस्तिनापुर उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित है। वित्त मंत्री ने इस पुरातात्विक स्थल को विकसित करने और यहां म्यूजियम बनाने की घोषणा की है। हस्तिनापुर कुरू साम्राज्य की राजधानी थी। जैन साहित्य में भी इस स्थल के महत्व का वर्णन है। महाभारत में भी हस्तिनापुर को कुरु वंश के राजाओं की राजधानी बताया गया है। हिंदू इतिहास में हस्तिनापुर के लिए पहला संदर्भ सम्राट भरत की राजधानी के रूप में आता है। महाकाव्य महाभारत में वर्णित घटनाए हस्तिनापुर में घटी घटनाओ पर आधारित है। वित्त मंत्री ने बजट में इस स्थल को म्यूजियम के तौर पर विकसित करने की घोषणा की है।

शिवसागर

शिवसागर पुरातत्व स्थल असम में है। यहां एक बहुत बड़ी झील है और यहां का इतिहास अहोम राजा शिव सिंह से जुड़ा हुआ है। यह अहोम साम्राज्य की राजधानी थी। अहोम साम्राज्य ने असम में छह शताब्दी तक शासन किया।

धोलावीरा

धोलावीरा गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है। यह स्थल प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता का एक खंडहर हैं। सरकार ने यहां म्यूजियम बनाने की घोषणा की है।

आदिचेल्लनूर

आदिचेल्लनूर तमिलनाडु में है। यह एक पुरातात्विक स्थल है जहां सरकार म्यूजियम बनाएगी।

 


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