नये भारत में ग्रीन हाइड्रोजन बस और कार चलाने की भारत सरकार की तैयारी

कहते है जिस देश की परिवहन व्यवस्था बेहतर होती है वो देश तेज गति से आगे बढ़ता है। इस मर्म को शायद मोदी सरकार अच्छी तरह से जानती है इसीलिये लगातार देश के कोने कोने तक नये हाइवे बनाए जा रहे  हैं। इतना ही नही, इसके साथ साथ परिवहन व्यवस्था को हाइटेक करने की भी तैयारी तेजी से हो रही है जिससे ईधन का खर्चा भी बच सके। इस क्रम में अब परिवहन मंत्री ने ऐलान किया है कि आने वाले दिनो में दिल्ली की सड़कों पर जल्द ही ग्रीन हाइड्रोजन वाली कार चलते हुए आप देख सकेंगे।

ग्रीन हाइड्रोजन पर बस और कार चलाने की योजना

केंद्रीय परिवहन मंत्री ने एक टीवी कार्यक्रम में ऐलान किया है कि देश में जल्द ही ग्रीन हाइड्रोजन पर बसें, ट्रक और कार चलाने का प्लान बनाया गया है जो शहरों में सीवेज के पानी और ठोस कचरे का उपयोग करके बनाई जाएग। नितिन गडकरी द्वारा नागपुर में शुरू की गई 7 साल पुरानी एक परियोजना, जहां सीवेज के पानी को रिसाइकल किया जा रहा है, के बारे में बात करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब नागपुर अपना सीवेज पानी महाराष्ट्र सरकार के बिजली संयंत्र को बेचता है और एक साल में लगभग 325 करोड़ कमाता भी है। उन्होंने कहा, “कोई भी चीज बेकार नहीं होती है। यह नेतृत्व और प्रौद्योगिकी के दृष्टिकोण पर निर्भर करता है कि आप कचरे से भी धन पैदा कर सकते हैं। अब मैं कोशिश कर रहा हूं कि हम अपशिष्ट जल से पैसा बनाया जाए। हर नगरपालिका के पास इस तरह का पानी है। इतना ही नही इस योजना के शुरू होने से देश को दो तरह का फायदा होगा। एक तो ये प्रदूषण को कम करेगा तो पेट्रोल को लेकर भारत की समस्या भी कम होगी।

सीवेज पानी से ग्रीन हाइड्रोजन तैयार करें

उन्होंने कहा, “लोगों को प्रशिक्षित करें ताकि इस पानी से ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन किया जा सके। हमारे पास ठोस कचरा है जिसे सौर छतों द्वारा कवर किया जा सकता है जिससे सस्ती दर पर बिजली मिलती है। इसलिए बिजली सस्ती आती है। हमारे पास पानी और इलेक्ट्रोलाइजर है, अब भारत द्वारा ये उत्पादित किए जाते हैं। हम ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन कर सकते हैं और यह एक वैकल्पिक ईंधन हो सकता है। इस पर सभी बसें, ट्रक, कार चलाई जा सकती हैं यह मुश्किल नहीं है। मैंने एक हाइड्रोजन कार खरीदी है जिसे मैं दिल्ली में चलाने जा रहा हूं क्योंकि लोगों को आउट ऑफ बॉक्स जाकर स्वीकार करने में समय लगता है।” इसके साथ साथ उन्होने बताया कि देश में राजमार्गों को तेजी से बनाया जा रहा है जिसका ताजा उदाहरण पूर्वांचाल एक्सप्रेस वे है तो जम्मू कश्मीर में एक साथ 60 से ज्यादा सड़कों और कई टनल का निर्माण किया जा रहा है। पूर्वाचल राज्यों में चीन सीमा तक सड़क की व्यवस्था कर दी गई है। इससे जहां सेना को आराम हुआ है तो दूसरी तरफ रोजगार और कारोबार को भी नये पंख लगे है।

पिछले 7 सालों में सरकार ने कई दुर्गम इलाको में रोड़ का जाल बिछाकर ये दिखा भी दिया है कि अब देश तेज स्पीड में दौड़ेगा और इसके लिये सबसे पहले राजमार्गों को दुरूस्त किया जा रहा है।