घाटी में पत्थरबाजी की तो नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी

धारा 370 हटाने के बाद से ही घाटी में अमन साफ तौर पर देखा जा रहा है। वहां आज तेजी से विकास के काम हो रहे हैं तो पाक परस्त आतंक पर लगातार सेना के हमले से उनके हौसले पस्त हो रहे हैं। ऐसे में आंतकियों को मदद करने वाले और राज्य में पत्थरबाजों के लिये अब सरकार ने एक और सख्त कदम उठाया है जिसके तहत सरकार ने साफ कर दिया है कि जो लोग पत्थरबाजी करेंगे उन्हें ना तो सरकारी नौकरी दी जायेगी और ना ही विदेश जाने का पासपोर्ट 

Jammu kashmir Anti nationals Stone Pelters No Government Jobs No Passport  Clearance कश्मीर: पत्थरबाजों पर एक्शन, अब न मिलेगा पासपोर्ट और न मिलेगी  सरकारी नौकरी - India TV Hindi News

पत्थरबाजों के खिलाफ सरकार का सख्त एक्शन

जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के दो साल पूरे होने वाले हैं। राज्य का विशेष दर्जा खत्म होने के बाद से यहां पर शांति है। कई बार उपद्रवियों ने हिंसा भड़काने का प्रयास किया लेकिन सख्त सुरक्षा के चलते उनके प्रयास असफल रहे। अब जम्मू-कश्मीर में ऐसे उपद्रवियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया जा रहा है। ऐसे लोगों को न सरकारी नौकरी मिलेगी न ही पासपोर्ट। जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजों को देशद्रोही घोषित किया जाएगा। ऐसे लोगों को जम्मू-कश्मीर सरकार किसी भी सरकारी नौकरी में मौका नहीं देगी। इसके अलावा ऐसे लोग अगर पासपोर्ट के लिए आवेदन करते हैं तो उन्हें पासपोर्ट भी नहीं दिया जाएगा।

आदेश में यह कहा गया

सरकार की माने तो इस फैसले के बाद घाटी में अमन और कायम होगा। वैसे पहले से ही धारा 370 हटने के बाद से ही प्रदेश के युवा विकास के साथ जुड़ रहे हैं। इसके लिये सरकार वहां पर कई तरह का प्रशीक्षण घाटी के नौजवान को देने में लगे हैं तो दूसरी तरफ  सेना भी कश्मीर के युवाओं के लिये कई तरह के अभियान चलाने में लगी है जिससे ये युवा मुख्य धारा से जुड़ सकें और आतंक के रास्ते पर ना जाएं। सूत्रों की मानें तो सीआईडी की विशेष शाखा कश्मीर की तरफ से सभी संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार विभागों को इस संबंध में आदेश भेज दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि जब किसी व्यक्ति की जांच की जाए तो इस बात का ध्यान रखा जाए कि वह किसी तरह की पत्थरबाजी, देश और राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा करने वाले या कानून भंग करने वाली किसी गतिविधि में शामिल न रहा हो।

मतलब एक तरफ पाक से आने वाले आतंकियों को सेना 72 हूरों के पास भेजने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है तो दूसरी तरफ अब घाटी में रहकर जो आतंकियों का साथ देने का काम करते थे उनको सबक सिखाने के लिए अब ये नया कानून जरूर और ज्यादा कारगर साबित होगा।