किसानों के भ्रम को दूर करने के लिए सरकार 24 घंटे तैयार है –मोदी

मौका भी था और दस्तूर भी जिस तरह से किसानों को कुछ लोग भ्रमित कर रहे हैं उनके भ्रम को दूर करने के लिए पीएम मोदी ने कमान संभाली, पीएम मोदी ने कच्छ में ही किसानों के एक ग्रुप से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने यहां पर किसान आंदोलन के बारे में बोलते हुए कहा कि कुछ लोग किसानों को भ्रमित कर रहे हैं, भड़का रहे हैं

कुछ लोग किसानों के कंधो पर रखकर बंदूक चला रहे हैं 

देश भर में चल रहे किसानों के प्रदर्शनों पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष, यूपीए सरकार के दौरान संसद में पारित तीन कृषि कानूनों के पक्ष में हुआ करता था, लेकिन अब यह किसानों को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा, “गुजरात की खेती को आधुनिकता से जोड़ा गया है। गुजरात में किसान डिमांड वाली फसलों की पैदावार करता है। किसानों का हित सरकार का एजेंडा है और कुछ लोग किसानों पर राजनीति कर रहे हैं।

किसान हित सरकार का पहला एजेंडा

इसके साथ पीएम मोदी ने  कहा कि उनकी सरकार का सबसे पहला काम देश के किसानों का उत्थान है। सत्ता में आने से पहले ही सरकार ने अपने विजन में साफ कर दिया था कि सरकार में आने के बाद वो सबसे पहले किसानों की आय को दोगुना करने के लिए योजना बनायेगी। इसके लिये सबसे पहले किसानों को यूरिया मिलने में दिक्कत न हो इसके लिये कदम उठाया गया। किसान की पैदावार बढ़े इसके लिए खासकर किसानों के लिये समय-समय विशेष टीम से संवाद की योजना बनाई गई तो किसान पीएम सम्मान निधी से किसान के हाथ मजबूत किये। इसी क्रम में नये कृषि कानून से किसान को और ताकत देने का काम किया जा रहा है जिससे उसकी आय दोगुनी हो सके। जैसा गुजरात में रहते हुए पहले किया गया था जैसे गुजरात की खेती को आधुनिकता से जोड़ा गया है। गुजरात में किसान डिमांड वाली फसलों की पैदावार करता है। किसानों का हित सरकार का एजेंडा है और कुछ लोग किसानों पर राजनीति कर रहे हैं। लेकिन हमें यकीन है कि किसान इन चालबाजों की सियासत को अच्छी तरह से समझेंगे और करारा जवाब देंगे।

मोदी जी ने किसान बिल को लेकर 27वीं बार किसानों का भ्रम दूर करने की कोशिश की है। ऐसे में अब किसान तो इसका फायदा समझ गये होंगे लेकिन कुछ लोग जो सिर्फ देश का माहौल खराब रखना चाहते हैं वो अभी किसानों के नाम पर सियासत कर रहे हैं।