कोरोना की जांच घर घर करने के विचार में सरकार

विश्व में कोरोना को लेकर जो हाल बने हैं उसको देखते हुए भारत में कोरोना माहामारी का हाल उतना संकट वाला नही रहा है। देश में ऑकड़ो पर जाये तो जिस तरह दुनिया में कोरोना ने कोहराम मचाया है वैसा वो भारत में नही कर पाया है और इसके पीछे अगर कोई बड़ा कारण रहा है तो वो है मोदी सरकार की सजगता, इसी क्रम में अब मोदी सरकार कोरोना से निपटने के लिए नई रणनीति बनाने में लगी है। जिसके चलते आने वाले दिनो में देश के हर घर की चेंकिग की जा सकती है।

राष्ट्रव्यापी सीरो-सर्वेक्षण की तैयारी

कोरोना से निपटने के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद आने वाले दिनों में देश के हर नागरिक की जांच करने की तैयारी करने जा रही है। वैसे ये काम काफी कठिन है लेकिन कोरोना वायरस के संपर्क में आई आबादी का पता लगाने के लिए राष्ट्रव्यापी सीरो-सर्वेक्षण कराया जाएगा। आपको बता दें कि ऐसा ही एक सर्वेक्षण मई में किया गया था, जिसके नतीजे अभी जारी होना बाकी है। आईसीएमआर ने बताया कि सीरो-सर्वेक्षण के तहत लोगों के खून के नमूने की जांच करके शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित होने के बारे में पता लगाया जाएगा. इससे यह पता लग सकेगा कि कितने लोग वायरस संक्रमण की जद में आए हैं फिलहाल ये कुछ राज्यो में ही किये गये थे लेकिन अब कोरोना से ठीक ढंग से निपटने के लिए इसे पूरे देश में करने का मन बनाया जा रहा है। लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या इसके लिए अब हम तैयार हैं तो ये बात सामने निकल कर आ रही है कि हां क्योंकि अब टेस्ट करने वाले उपकरण खुद भारत में बनने लगे हैं जिससे ऐसा किया जाना कोई कठिन काम नही होगा ।

रिकवरी रेट 63 फीसदी पहुंचा

तकरीबन एक महीने बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और भारत की बेहतर हालत का हवाला दिया। सरकार के मुताबिक रिकवरी रेट अब बढ़कर 62.09% हो चुका है। भारत में कोरोना के शिकार 7 लाख से ज्यादा मरीज हैं और रोजाना 20 हजार से ज्यादा मामले दर्ज हो रहे हैं लेकिन मंत्रालय का दावा है कि भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं हुआ है। स्वास्थ्य मंत्रालय के  मुताबिक 733 जिलों वाले देश में अकेले 49 जिलों में 80 फीसदी से ज्यादा मामले हैं। वही इसके साथ साथ दिल्ली में भी काफी हद तक सुधार की बात राज्य सरकार कर रही है। वैसे कोरोना के मामले बढ़ने के चलते एक बार फिर से यूपी सरकार ने लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। लेकिन माना यही जा रहा है कि कोरोना से छिड़ी जंग में भारत अभी तक बेहतर मुकाबला करने में जुटा हुआ है। जिसका नतीजा है कि दुनिया में जो भय फैला हुआ है वो देश में नही फैला है।

बहरहाल सरकार हर दिन कोरोना को रोकने के लिये नये नये रणनीति बना रही है तो दूसरी तरफ वैक्सीन बनाने में भी लगी है। ऐसे में आने वाले वक्त में हम कोरोना को हराने में कामयाब होंगे ये कहना गलत नही होगा लेकिन जिस तरह से हर एक नागरिक का टेस्ट करने की सरकार सोच रही है ये बहुत बड़ा कदम होगा और मोदी सरकार तो वही काम करती है जो कठिन होता है। ऐसे में विश्वास रखना चाहिये कि सरकार देश के हर नागरिक का टेस्ट करने में जरूर सफल होगी।