सरकार ने बेटियों की विदाई की उम्र बदली अब 18 की जगह 21 साल में होगा विवाह

पिछले 7 सालों से मोदी सरकार महिलाओं को वो अधिकार देने में जुटी हुई है जिसके लिये वो आजादी के बाद से मांग करती रही है। जहां बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के जरिये मोदी सरकार ने बेटियों की कोख में हत्या से बचाया तो अब विवाह की उम्र 18 से 21 करके उनकी स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखने के लिये एक और कदम बढ़ाया है।

लड़कियों की शादी की उम्र 18 से 21 साल करी

केंद्र सरकार  ने महिलाओं के लिए शादी की कानूनी उम्र 18 से बढ़ाकर 21 साल करने का फैसला किया है, जिससे इसे पुरुषों के बराबर लाया जा सके। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने  पुरुषों और महिलाओं की विवाह योग्य उम्र में एकरूपता लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सरकार बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 में संशोधन के लिए संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र में एक बिल ला सकती है। प्रस्तावित बिल में एक समान विवाह आयु सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न समुदायों के विवाह से संबंधित विभिन्न पर्सनल लॉ में परिणामी परिवर्तन करने की भी मांग हो सकती है। वर्तमान में महिलाओं की शादी करने की कानूनी उम्र 18 वर्ष है जबकि पुरुषों के लिए 21 वर्ष है। गौरतलब है इस कानून के लागू हो जाने के बाद सभी धर्मो में ये लागू होगा जिससे माना जा रहा है कि सरकार कही ना कही इस ऐलान के साथ यूनिफार्म सिविल कोड लाने की कोशिश कर रही है जबकि लोग कुछ भी बोले लेकिन इससे महिलाओं को और बल मिलेगा।

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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना से बच्चियों की बचाई जान

मोदी सरकार ने आते ही सबसे पहले देश की आधी आबादी को मजबूत बनाने के लिये बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ से देश में बेटियों की जान बचाने का काम किया। यहां ये बताने की जरूरत जरूर है कि पहले देश में बेटियों को मां के कोख में ही जन्म लेने से पहले ही हत्या कर दी जाती थी लेकिन जब से पीएम ने बेटी की पढ़ाई और पैदा होने पर कई बड़े आर्थिक योजना का ऐलान किया जब से ही देश में बच्चियों की संख्या बढ़ने लगी है। तभी तो आजादी के बाद पहली बार जनसंख्या के सर्वे में महिलाओं का अनुपात पुरूष से ज्यादा निकली है जो एक अच्छी खबर है।

ऐसा नही कि सरकार ने सिर्फ छोटी बच्चियों के लिए ही कदम उठाये है बल्कि उन्होने महिलाओं को मजबूत करने के लिए भी बड़े कदम उठाये है जिसको आप ऐसे समझ सकते है कि आज मोदी कैबिनेट में आजादी के बाद सबसे अधिक महिला मंत्री है जो सरकार का महिलाओं के प्रति सम्मान को दर्शाता है।