रेहड़ी-पटरी वालों और प्रवासी मजदूरों पर सरकार की बौछार

कोरोना संकट के बीच देश को बचाने में लगी मोदी सरकार ने आज उन लोगो के लिये घोषणाए की जो सबसे ज्यादा कोरोना संकट के चलते प्रभावित हो रहे है। जी हां हम बात कर रहे है देश के किसानों प्रवासी मजदूरों रेहड़ी पटरी वालों की जिनकी दो जून की रोटी कोरोना संकट के चलते खतरे में आ गई है। लेकिन सरकार ने इन लोगो के लिए आज कई घोषणा की है । क्या है ये घोषणा चलिये हम बताते है।

किसानों के लिये बड़ी राहत

सबसे पहले बात करते है देश के अन्नदाताओं वैसे अगर देखा जाये तो जब से ही देश में कोरोना संकट का दौर शुरू हुआ है तब से ही मोदी सरकार ने किसानों की सुध लेनी शुरू कर दी थी जिसके चलते 1 मार्च से 30 अप्रैल के बीच 86 हजार 600 करोड़ रुपये के 63 लाख कृषि लोन मंजूर किए गए हैं। इतना ही नही 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं जिसकी लोन लिमिट 25 हजार करोड़ रुपये है। फसली लोन पर जो रीपेमेंट की तारीख 1 मार्च थी, उसे बढ़ाकर 31 मई 2020 कर दिया गया है। देश के 3 करोड़ किसान जिनपर करीब 4.22 लाख करोड़ रुपये का लोन है, उन्होंन लोन मोराटोरियम पीरियड का फायदा उठाया है। वही दूसरी तरफ राज्यों ने किसानों को 6700 करोड़ की मदद दी है। वही फसल कर्ज की अदायगी की समय सीमा बढ़ाकर इस संकट के वक्त किसानों को बड़ी सहायता प्रदान की गई है।

राशन कार्ड हो या न हर प्रवासी मजदूरों को मिलेगा राशन

देश का आर्थिक चक्के को अगर कोई तेजी के सात आगे चलाता है तो वो देस के प्रवासी मजदूर है। जिसके मजबूत हौसले लोहे तक को पिघलाकर हर तरह के आकार में बदल देता है। लेकिन कोरोना संकट का सबसे बड़ा असर आज इनकी ही जिंदगी में पड़ा। रोजी रोटी छिन जाने के चलते आज उनकी हालात सबसे ज्यादा खराब है। देश में मोदी सरकार इनके दर्द को अच्छी तरह से समझती है इनके दर्द को कम करने के लिये प्रयास किये है। सरकार ने ऐलान किया है कि देश में जहां भी प्रवासी भारतीय रहते है उन्हे फ्री में अनाज दिया जायेगा। फिर उनके पास राशन कार्ड हो या न हो। इसके साथ साथ जो प्रवासी मजदूर वापस घर जा रहे हैं, उन्हें तेजी से मनरेगा योजना के तहत रोजगार दिया जायेगा। वही न्यूनतम मजदूरी को भी 182 रूपये से 202 रूपये कर दिया गया है। वही आने वाले दिनो में इन मजदूरो के लिये सरकार पीपीई मॉडल के तहत आवास भी बनाकर देगी जिससे इन्हे किराये की समस्या न उटानी पड़े इस काम में कंपनियों से भी बात की जायेगी और जो कंपनी अपने कंपनी एरिया में मकान बनाने के लिए तैयार होगे उनके साथ मिलकर इस काम को किया जायेगा। जो आने वाले वक्त में मजदूरों के लिये एक बड़ा काम होगा।

 

रेहड़ी पटरी वालो के दर्द को किया कम

कोरोना संकट में देश के रेहड़ी पटरी वालो की हालात सबसे ज्यादा खराब करके रख दी है। इस बात का ऐहसास मोदी सरकार को भी है। संवेदनाओं से भरी नमो सरकार ने आज दिल खोलकर इनको मदद करने की कोशिश की है। 50 लाख रेहड़ी वालों के लिए लोन का ऐलान। इनके लिए 5000 करोड़ के स्पेशल क्रेडिट फेसिलिटी दी जाएगी। शुरुआत में वर्किंग कैपिटल करीब 10 हजार रुपये मिलेंगे जिससे कारोबार की शुरुआत हो सके।शिशु मुद्रा लोन में रिजर्व बैंक ने तीन महीने का मॉरिटोरियम दिया है, लेकिन इसके बाद समस्या हो सकती है तो शिशु मुद्रा लोन में 50,000 रुपये तक लोन लेने वाले को मॉरिटोरियम के बाद 2 फीसदी सबवेंशन स्कीम यानी ब्याज में छूट का फायदा अगले 12 महीने के लिए होगा। 3 करोड़ लोगों को इससे कुल 1500 करोड़ रुपये का फायदा होगा।

मतलब साफ है कि 20 लाख करोड़ के आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा करते हुए सरकार ने ज्यादातर उन सभी लोगो के करीब पहुंचने की कोशिश की है जो कोरोना महामारी में आर्थिक तौर पर सबसे ज्यादा बुरे हालात से गुजर रहे है। ऐसे में ये साफ नजर आ रहा है कि मोदी सरकार इन लोगो से कितनी भी दूर क्यो न हो लेकिन उनके दिल में यही आम लोग हर वक्त बसते है। जिनकी फ्रिक में मोदी जी हर वक्त अपने सरकारी महकमों के अफसरों से जिक्र करते रहते है। कि इन लोगो के जीवन में इस काल में कैसे दुख को दूर किया जा सकें।