सरकार ने की नए इनकम टैक्स स्लैब की घोषणा

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Income_Tax_Slab_2020

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट आज वित्त मंत्री निर्मला सीमारमण ने आज पेश किया। मोदी सरकार ने बजट 2020 में उम्मीद के मुताबिक ही मध्यम वर्ग के करदाताओं को बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्री ने मिडिल क्लास को बड़ी राहत देते हुए इनकम टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव करने की घोषणा की है। नए स्लैब की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने 5 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री कर दिया है। पिछले कुछ समय से सुस्ती की शिकार इंडियन इकोनॉमी को पटरी पर लाने और आम लोगों की जेब में ज्यादा पैसा डालकर उपभोग को बढ़ाने के लिए इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव कर नौकरीपेशा वर्ग को राहत दे दी है।

 Government announced new income tax slab

नए टैक्स स्लैब के मुताबिक:

1. 5 लाख रुपये तक की आय वाले करदाताओं को अब किसी तरह के टैक्स का भुगतान नहीं करना होगा। पुरानी व्यवस्था में यह रकम 2.5 लाख रुपये थी।
2. 5 से 7.5 लाख रुपये की सालाना आय पर 10 फीसदी कर का भुगतान करना होगा।
3. 7.5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये की कमाई पर 15 फीसदी टैक्स का भुगतान करना होगा। पुरानी व्यवस्था में कर की दर 20 फीसदी थी।
4. 10 लाख रुपये से 12.5 लाख रुपये की सालाना आय पर नई टैक्स व्यवस्था में 20 फीसदी का भुगतान करना होगा, जो पहले 30 फीसदी था।
5. 12.5 से 15 लाख रुपये की सालाना आय पर अब 25 फीसदी टैक्स का भुगतान करना होगा।
6. 15 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई पर 30 फीसदी टैक्स का भुगतान करना होगा।

इनकम टैक्स के पुराने स्लैब में जहां 2.5 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था, वहीं 2.5-5 लाख रुपये की आय पर 5 फीसदी कर का भुगतान करना पड़ता था। 5-10 लाख रुपये के टैक्स स्लैब पर 20 फीसदी, जबकि 20 लाख रुपये से दो करोड़ रुपये की सालाना कमाई वाले को 30 फीसदी कर का भुगतान करना पड़ता था। वहीं, 2 करोड़ से अधिक कमाई वाले व्यक्ति को 35 फीसदी टैक्स का भुगतान करना होता था।

पिछले बजट में इनकम टैक्स में किसी बदलाव की सिफारिश नहीं की गई थी। हालांकि 5 लाख रुपये तक की सालाना कमाई वाले टैक्सपेयर्स को 12,500 रुपये का रिबेट दिया गया था। माना जा रहा है की बजट में की गई इन घोषणाओं से सरकार को उपभोक्ता मांग और निवेश को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। मांग और निवेश में कमी की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था इस वक़्त सुस्त दौर से गुजर रही है।

 


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •