बिहार के गोपाल ने 3 बार ठुकराया नासा का ऑफर, कहा- देश के लिए रिसर्च करूंगा

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NASA नासा, जहां जाने और जिससे जुड़ने के सपने न जाने कितने वैज्ञानिक देखते होंगे, वहां जाने से इस होनहार ने एक झटके में मना कर दिया। हम आज बात कर रहे है बिहार के भागलपुर के ध्रुवगंज गांव में रहने वाले 19 वर्षीय गोपाल 3 बार नासा का ऑफर ठुकरा चुके हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी उन्हें न्योता दिया, लेकिन वे टस-से-मस नहीं हुए। कारण सिर्फ एक, देश सेवा का जज्बाी। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के कार्यक्रमों में शामिल होकर अनुसंधान और शोध का ऑफर ठुकराने वाले इस युवा वैज्ञानिक ने भारत में युवा वैज्ञानिकों की फौज तैयार करनी शुरू कर दी है। देशभर में प्रतिभाओं को तलाशने निकले बिहार के भागलपुर के मूल निवासी वैज्ञानिक गोपालजी 13 वर्ष की उम्र से ही नए-नए आविष्कार में लगे हैं। उन्हें 14 साल की उम्र में देश के सबसे युवा वैज्ञानिक के खिताब से नवाजा गया।

गांव से की है पढ़ाई

गोपाल ने मॉडल हाईस्कूल तुलसीपुर से 12वीं तक की पढ़ाई की। 2013-14 में बनाना बायो सेल के आविष्कार के लिए उन्हें इंस्पायर्ड अवॉर्ड मिला। तब दसवीं में थे। 2008 में उनके गांव में बाढ़ आई। सब कुछ बर्बाद हो गया। किसान पिता प्रेमरंजन कुंवर ने कहा कि दसवीं के बाद नहीं पढ़ा सकूंगा। गोपाल ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने सोचा, कुछ ऐसा करें, जिससे स्कॉलरशिप मिले।

पीएम मोदी ने की आगे पढ़ने में मदद

31 अगस्त 2017 को गोपाल ने पीएम मोदी से मुलाकात की। पीएम ने उन्हें एनआईएफ, अहमदाबाद भेजा। उन्होंने यहां 6 आविष्कार किए। अब उनका नाम दुनिया के 30 स्टार्टअप साइंटिस्ट में है। अप्रैल में अबुधाबी में दुनिया का सबसे बड़ा साइंस फेयर होने वाला है। इसमें 6 हजार साइंटिस्ट शामिल होंगे। गोपाल इसमें चीफ स्पीकर होंगे। युवा साइंटिस्ट ने कहा कि देश के वैज्ञानिकों को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार प्रयासरत हैं और वैज्ञानिकों के प्रति उनकी सोच युवा वैज्ञानिकों को उत्साह देता है।

देश के सबसे युवा वैज्ञानिकों में शुमार इस शख्सियत ने अब तक 10 बड़े आविष्कार कर चुके हैं। इनमें केले के पेड़ से बिजली का उत्पादन और पानी में तैरने वाली ईंटें सर्वाधिक चर्चित रहीं। भारत के अलावा दुनियाभर में गोपालजी को अपने आविष्कारों के लिए ख्याति मिली है। फिलहाल गोपाल जी देहरादून के लैब में अनुसंधान और शोध कार्य में जुटे हैं।

गोपालजी के अन्य आविष्कारों में

• पेपर बायो सेल- वेस्टेज पेपर से बिजली।
• गोपोनियम एलोय- किसी भी हीट पर इसका रूप नहीं बदलता। इसमें कई एलिमेंट का प्रयोग किया। इसे इस्तेमाल कर सूर्य पर भी जाया जा सकता है।
• जी स्टार पाउडर- इसे लगाकर 5 हजार डिग्री सेल्सियस का हीट गेन किया जा सकता है।
• हाइड्रो इलेक्ट्रिक बायो सेल- इस डिवाइस से 50 हजार वोल्ट बिजली स्टोर की जा सकती है।
• सोलर माइल- सोलर एनर्जी और विंड एनर्जी को मिलाकर इसे बनाया गया है। 2 किमी की रफ्तार से हवा चलने पर भी बिजली स्टोर की जा सकेगी।
• बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक- केले के थंब से बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक बनाया गया है। इसका इस्तेमाल करने के बाद यह खुद-ब-खुद खाद बन जाएगा। खेतों में इसका इस्तेमाल हो सकेगा।
• गोपालासका- न्यूक्लियर अटैक से पैदा रेडिएशन को कम करेगा। अब 5 सालों में ही इसका असर खत्म किया जा सकेगा। जबकि अभी न्यूक्लियर अटैक का रेडिएशन सौ सालों तक रहता है।

इसमें दो बड़े आविष्कारों का उन्हों ने पेटेंट भी हासिल कर लिया है। वे फिलहाल आई स्मार्ट के ब्रांड अंबेसडर हैं।

 


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