गूगल, डूडल के ज़रिये याद कर रहा है भारत की पहली महिला विधायक और महिला सर्जन डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी को

Google doodle celebrates Muthulakshmi Reddi

गूगल एक ऐसा वर्ड जो आज के ज़माने में 5 साल के बच्चे से भी अच्छी तरीके से परिचित है | गूगल एक सर्च इंजन है जहाँ हम अपने हर सवाल का जवाब खोजते है | पर क्या आपको गूगल के एक खास फीचर के बारे में पता है जिसका नाम है डूडल | जी हाँ हर उस दिन जिस दिन किसी बड़े वैज्ञानिक या मशहूर हस्ती का जन्मदिन हो या दुनिया को मिली कोई बड़ी सफलता का दिन हो, गूगल के होमेपेज पर गूगल का डूडल बनाया जाता है और इस प्रकार गूगल उस महान हस्ती को अपना श्रधांजलि अर्पित करता है |

आज भी गूगल ने डूडल तैयार किया है और बता दे की यह डूडल भारत की पहली महिला विधायक और और पहली महिला सर्जन रह चुकी मुथुलक्ष्मी रेड्डी के 133वे जन्मदिन के खास मौके पर तैयार किया गया है | इस प्रकार गूगल इस खास दिन पर इस सज्जन हस्ती को याद कर रहा है और इन्हें श्रधांजलि अर्पित कर रहा है |

कौन है डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी ?

तमिलनाडु के पुडुक्कोट्टाई में सन 1886 में डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी का जन्म हुआ था | डॉ. रेड्डी ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा और जन कल्याण में व्यतीत कर दिया | सन 1912 में वो देश की पहली महिला डॉक्टर बनी और उसके साथ ही मद्रास (वर्तमान में चेन्नई) के सरकारी मातृत्व अस्पताल में पहली महिला सर्जन के तौर पर कार्यरत हुई |

उसके बाद सन 1918 में डॉ. रेड्डी ने महिला इंडियन एसोसिएशन की सह-स्थापना की | उसी साल मद्रास विधान परिषद में पहली महिला सदस्य और उपाध्यक्ष, के तौर पर डॉ. रेड्डी का चयन हुआ | उसके साथ ही वो देश की पहली महिला विधायक भी बन गयी |

डॉ. रेड्डी ने समाज सुधर और जन कल्याण के लिए कई कामों को अंजाम दिया | लड़कियों और महिलाओ के सम्मान को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने परिषद् से आग्रह कियाकी वो अनैतिक तस्करी नियंत्रण अधिनियम और देवदासी प्रथा उन्मूलन विधेयक को पारित कर दे | लड्क्यों की कम उम्र में शादी को रोकने के लिए उन्होंने नियम भी बनाये |

डॉ. रेड्डी को आज भी उनके विचारों के लिए याद किया जाता है इसके साथ ही सामाजिक असमानता, लिंग आधारित असमानता और लोगों को पयार्प्त स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के प्रयासों के लिए भी जाना जाता हैं | सन 1956 में डॉ. रेड्डी को उनके समाज कल्याण कार्यों के लिए और उनके उत्कृष्ट विचारों के लिए उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया | सन 1968 में 22 जुलाई को चेन्नई में डॉ. रेड्डी ने अपनी अंतिम सांसे ली |

बीते सोमवार को तमिलनाडु की सरकार ने घोषणा की थी की हर साल 30 जुलाई को डॉ. रेड्डी को श्रधांजलि अर्पित करने हेतु राज्य में इस दिन को हॉस्पिटल डे के तौर पर मनाया जायेगा |